पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस कम्युनिके में कहा गया है कि डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति उस तारीख से प्रभावी होगी, जिस दिन वह अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।
यूपी के पूर्व डिप्टी CM को मिली नई जिम्मेदारी
डॉ. दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। वह 2017 से 2022 के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली पहली राज्य सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले वह लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाई और राज्यसभा पहुंचे। 2023 में वह राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे।
62 वर्षीय दिनेश शर्मा फिलहाल राज्यसभा के सदस्य हैं और उच्च सदन में उपसभापति के पैनल के सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी मौजूदा राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना था। अब अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के तौर पर उनकी नई भूमिका केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन से जुड़ी होगी।
लखनऊ के मेयर से राज्यसभा और अब उपराज्यपाल तक का सफर
दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और बाद में भारतीय जनता पार्टी संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं। वह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। पार्टी संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के अलावा उन्हें गुजरात का प्रभारी भी बनाया गया था। विभिन्न राज्यों में संगठन से जुड़े चुनावी कार्यों में भी उन्होंने भूमिका निभाई।
राजनीति में आने से पहले दिनेश शर्मा अकादमिक क्षेत्र से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के शिक्षक के तौर पर काम किया। बाद में उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ती गई और वह लखनऊ के मेयर बने। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री और फिर राज्यसभा सांसद के तौर पर उनकी भूमिका सामने आई।
कब से संभालेंगे अंडमान-निकोबार का पद?
राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक दिनेश शर्मा की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से नहीं बल्कि उनके पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी। यानी अभी उनके कार्यभार ग्रहण करने की तारीख का इंतजार रहेगा। राष्ट्रपति भवन ने नियुक्ति की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि वह अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल होंगे।
अंडमान-निकोबार के प्रशासन में उपराज्यपाल की भूमिका
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह एक केंद्र शासित प्रदेश है और इसका प्रशासन उपराज्यपाल के माध्यम से संचालित होता है। ऐसे में नई नियुक्ति के बाद दिनेश शर्मा के सामने प्रशासनिक कामकाज, विकास योजनाओं और केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े विभिन्न मामलों की जिम्मेदारी होगी। आधिकारिक प्रशासनिक वेबसाइट पर भी अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल को केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे के प्रमुख पद के रूप में दर्शाया गया है।
दिनेश शर्मा की नियुक्ति क्यों अहम है?
दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार का उपराज्यपाल बनाए जाने से उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन में किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम करने के अलावा उनके पास स्थानीय निकाय, पार्टी संगठन और संसद से जुड़ा अनुभव भी है। नई जिम्मेदारी उनके राजनीतिक करियर का एक नया चरण मानी जा रही है।
