BRICS Summit 2026 के बीच नई दिल्ली में शुक्रवार को भारत की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका साफ दिखाई दी। भारत मंडपम में आयोजित BRICS Business Forum के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान एक ही मंच पर नजर आए। इसी दौरान पीएम मोदी ने पुतिन और पेजेशकियान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकातें भी कीं।
BRICS Business Forum में व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन, तकनीक और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ऐसे समय में आर्थिक पुल बनाने पर जोर दे रहा है, जब दुनिया में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं।
BRICS Summit 2026 में मोदी-पुतिन की मुलाकात
BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों और राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को तमिल संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भी भेंट किया। यह मुलाकात सिर्फ रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों की झलक भी देखने को मिली। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस आने का निमंत्रण भी दिया है। दोनों नेताओं ने 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन को लेकर सहमति जताई, हालांकि इसकी तारीख आपसी सहमति से तय की जाएगी।

पेजेशकियान से भी मिले PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं की यह दो सप्ताह से भी कम समय में दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में SCO Summit के दौरान मिले थे।
नई दिल्ली में हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को रास्ता बताया। इसके साथ ही समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता, व्यापार और समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी जोर दिया गया।
BRICS Business Forum में क्या बोले PM मोदी?
BRICS Business Forum के Leaders’ Session में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की बढ़ती भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि BRICS देश और उनके पार्टनर मिलकर दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जहां वैश्विक GDP में करीब ढाई गुना वृद्धि हुई है, वहीं BRICS देशों की संयुक्त GDP लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है। उन्होंने इसे समूह की बढ़ती आर्थिक ताकत का संकेत बताया।
भारत की BRICS अध्यक्षता के चार प्रमुख आधार बताए गए हैं—Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्हीं प्राथमिकताओं के आधार पर भारत वैश्विक कारोबार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है।
लोकल करेंसी और आसान व्यापार पर जोर
BRICS Business Forum में व्यापार को आसान बनाने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहा। भारत की ओर से BRICS देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार के अवसर बढ़ाने की बात कही गई।
वहीं, BRICS के व्यापक आर्थिक एजेंडे में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, सीमा-पार भुगतान व्यवस्था और भुगतान प्रणालियों के बीच बेहतर संपर्क जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। BRICS वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों ने भी तेज, सुरक्षित और कम लागत वाले cross-border payments की दिशा में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
बिजनेस फोरम में कारोबार और टेक्नोलॉजी पर फोकस
BRICS Business Forum का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं है। यह सरकारों, उद्योग जगत, वित्तीय संस्थानों और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाने का प्रमुख प्लेटफॉर्म है। इस साल का फोरम 11 सितंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
फोरम में व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, MSME, तकनीक, सप्लाई चेन और वैल्यू चेन को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। BRICS के भीतर आर्थिक सहयोग को ज्यादा व्यावहारिक बनाने और कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार करने पर भी जोर रहा।
भारत मंडपम में दिखी BRICS की तस्वीर
BRICS Business Forum के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS नेताओं, BRICS Business Council के अध्यक्षों और BRICS Women’s Business Alliance के साथ ग्रुप फोटो भी कराई। इस तस्वीर में अलग-अलग देशों के शीर्ष नेता और कारोबारी प्रतिनिधि एक साथ नजर आए।
फोरम से जुड़ी तस्वीरों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत भी दिखाई दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इस दौरान मौजूद रहे।

BRICS Summit 2026 भारत के लिए क्यों अहम?
भारत की मेजबानी में हो रहा 18वां BRICS Summit ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, युद्ध और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां बढ़ी हुई हैं। BRICS अब पहले की तुलना में काफी बड़ा समूह बन चुका है और इसकी बैठकों में आर्थिक सहयोग के साथ वैश्विक शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठ रहे हैं।
भारत के लिए यह सम्मेलन रूस, ईरान, चीन और दूसरे उभरते देशों के साथ संवाद बढ़ाने के साथ-साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को आगे रखने का अवसर भी है। प्रधानमंत्री मोदी की पुतिन और पेजेशकियान के साथ अलग-अलग बैठकों ने इस कूटनीतिक गतिविधि को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
