तेल-गैस से लेकर नई ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी तक सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा, वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता पर भी जोर
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक अहम बातचीत हुई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चीन की प्रमुख ऊर्जा कंपनी चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (CNPC) के चेयरमैन दाई होउलियांग से नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता को लेकर चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन को लेकर कई चुनौतियां बनी हुई हैं। भारत और चीन दुनिया के बड़े ऊर्जा उपभोक्ता और कच्चे तेल के प्रमुख आयातक देशों में शामिल हैं।
ऐसे में दोनों देशों की ऊर्जा जरूरतों का असर भविष्य में वैश्विक तेल मांग पर भी पड़ सकता है। हरदीप पुरी ने भी कहा है कि भारत और चीन की ऊर्जा जरूरतें वैश्विक तेल मांग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
तेल और गैस के साथ नई ऊर्जा पर भी फोकस
बैठक में केवल पारंपरिक तेल और गैस तक सीमित सहयोग की बात नहीं हुई, बल्कि नई ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और कम-कार्बन विकास के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया गया।
CNPC चेयरमैन दाई होउलियांग ने दोनों देशों के बीच बातचीत और तालमेल को और मजबूत करने की इच्छा जताई। उनके मुताबिक CNPC तेल एवं गैस, नई ऊर्जा तथा ग्रीन और लो-कार्बन विकास से जुड़े क्षेत्रों में भारतीय पक्ष के साथ सहयोग के नए अवसर तलाशने के लिए तैयार है।
ऊर्जा बाजार की स्थिरता पर दोनों देशों की साझा चिंता
भारत और चीन दोनों ही अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आयात के जरिए पूरा करते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों, आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था में होने वाले बदलाव दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हरदीप पुरी के अनुसार, दोनों देशों के बीच ऊर्जा बाजार की स्थिरता को लेकर साझा हित हैं। यही वजह है कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में संवाद और सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक सप्लाई चेन पर संकट के बीच बैठक
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बाधाओं का असर वैश्विक कमोडिटी और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। हरदीप पुरी ने इससे पहले भी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों और दबाव का उल्लेख किया था।
ऐसे माहौल में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर भी जोर दे रहा है।
बैठक में भारत के ऊर्जा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
CNPC चेयरमैन के साथ हुई बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और भारत की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें ONGC और Indian Oil Corporation के अधिकारी शामिल थे।
बैठक को भारत-चीन ऊर्जा संवाद के लिहाज से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।
BRICS के बाद ऊर्जा सहयोग पर बढ़ा फोकस
यह बातचीत 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बाद हुई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS बैठक में ऊर्जा सुरक्षा को सामाजिक-आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया गया था। ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन की स्थिरता पर भी जोर दिया गया।
ऐसे में हरदीप पुरी और CNPC चेयरमैन की मुलाकात को भारत-चीन ऊर्जा सहयोग के नए संभावित रास्तों की तलाश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बैठक में किसी बड़े नए तेल सौदे या निश्चित निवेश समझौते की घोषणा की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
