Uber Layoffs 3300 Employees: कैब सर्विस कंपनी उबर ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में करीब 10 फीसदी की कटौती का फैसला किया है। कंपनी करीब 3,300 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म करेगी। इसके साथ ही उबर ने अपनी रिमोट वर्क पॉलिसी में भी बड़ा बदलाव किया है। कंपनी के मुताबिक, आने वाले समय में करीब 99 फीसदी कर्मचारी पूरी तरह रिमोट काम नहीं कर सकेंगे और ज्यादातर रिमोट कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने के लिए वापस बुलाया जाएगा। उबर के CEO दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जानकारी दी। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद मैनेजमेंट की अतिरिक्त परतों को कम करना, टीमों को सरल बनाना और फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना है।
3300 कर्मचारियों की होगी छंटनी
उबर में यह छंटनी दुनियाभर में की जाएगी। साल 2025 के अंत तक कंपनी में करीब 34,000 कर्मचारी थे और नई कटौती के बाद कंपनी की कुल कर्मचारी संख्या 30,000 से नीचे आने की उम्मीद है। यह महामारी के बाद उबर की सबसे बड़ी छंटनी में से एक है।
कंपनी ने बताया है कि प्रभावित कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है। हालांकि, कुछ देशों में स्थानीय श्रम कानूनों के तहत जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मैनेजमेंट में भी बड़ी कटौती
इस restructuring का बड़ा असर उबर के मैनेजमेंट पर पड़ेगा। कंपनी के मुताबिक, मैनेजरों की संख्या करीब 20 फीसदी तक कम की जाएगी। हालांकि, हर मैनेजर की नौकरी खत्म नहीं होगी। कुछ मैनेजरों को मैनेजमेंट पद से हटाकर Individual Contributor यानी सीधे काम करने वाली भूमिका में भेजा जा सकता है।
उबर का कहना है कि कंपनी में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार हुआ है। इसके साथ संगठन में मैनेजमेंट की कई परतें और छोटी-छोटी टीमें बढ़ गईं, जिससे कामकाज और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक जटिल हो गई।
छोटी टीमों की संख्या भी घटेगी
कंपनी ने ऐसे छोटे समूहों को कम करने का फैसला किया है जिनमें सिर्फ एक या दो कर्मचारी हैं। CEO के मुताबिक, ऐसी करीब आधी माइक्रो-टीम्स को खत्म या पुनर्गठित किया जाएगा। सात या उससे अधिक मैनेजमेंट लेयर नीचे काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या में भी करीब 20 फीसदी की कमी की जाएगी।
उबर अलग-अलग विभागों में समान काम करने वाली टीमों को भी एक साथ ला रही है। रेस्टोरेंट, रिटेल और Direct डिलीवरी से जुड़ी तीन डिलीवरी ऑपरेशंस टीमों को एक ढांचे में लाने की योजना है। Core Services Engineering और Science टीमों को भी मर्ज किया जाएगा।
रिमोट कर्मचारियों को ऑफिस लौटना होगा
छंटनी के साथ उबर ने कर्मचारियों के काम करने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब अपने कर्मचारियों को चुनिंदा प्रमुख हब में एक साथ काम कराने पर जोर दे रही है।
उबर के सबसे बड़े ग्लोबल हब न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को में रहेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय, स्थानीय और टेक्नोलॉजी टीमों के लिए अलग-अलग हब तय किए जाएंगे।
कंपनी ने कहा है कि ज्यादातर रिमोट कर्मचारियों को ऑफिस लौटना होगा। आगे चलकर सिर्फ करीब 1 फीसदी कर्मचारी ही पूरी तरह रिमोट काम कर पाएंगे। साथ ही कंपनी की हाइब्रिड वर्क पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस से काम करना होगा।
बचत का पैसा कहां खर्च करेगी उबर?
उबर का कहना है कि पुनर्गठन से होने वाली बचत को कंपनी भविष्य के विकास और नई तकनीक में निवेश करेगी। इसमें राइड-हेलिंग और डिलीवरी कारोबार को मजबूत करने के साथ ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनर्स और मर्चेंट्स के लिए सेवाओं में निवेश शामिल है।
कंपनी का एक बड़ा फोकस ऑटोनॉमस व्हीकल और Robotaxi कारोबार पर भी है। उबर आने वाले वर्षों में Robotaxi पार्टनरशिप पर 10 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जता चुकी है।
हालांकि, CEO के कर्मचारियों को भेजे संदेश में AI को छंटनी का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। कंपनी ने मुख्य तौर पर संगठन को सरल बनाने, टीमों को एकीकृत करने और भविष्य के निवेश के लिए क्षमता बढ़ाने की बात कही है।
उबर के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
उबर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बड़ा हुआ है और कंपनी का कारोबार कई नए क्षेत्रों में फैला है। अब कंपनी का लक्ष्य कम मैनेजमेंट लेयर और अधिक स्पष्ट जिम्मेदारियों के साथ काम करने का है।
इस बदलाव के जरिए उबर एक तरफ लागत कम करना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ बचाए गए संसाधनों को अपने मुख्य कारोबार और ऑटोनॉमस मोबिलिटी जैसी भविष्य की तकनीकों में लगाने की तैयारी कर रही है।
एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| कंपनी | Uber Technologies |
| छंटनी | करीब 3,300 कर्मचारी |
| वर्कफोर्स में हिस्सा | करीब 10% |
| मैनेजमेंट में कमी | करीब 20% |
| रिमोट कर्मचारी | करीब 1% तक सीमित |
| ऑफिस पॉलिसी | सप्ताह में 3 दिन |
| प्रमुख ग्लोबल हब | न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को |
| मुख्य फोकस | राइड-हेलिंग, डिलीवरी, ऑटोनॉमस व्हीकल |
| CEO | दारा खोसरोशाही |
