हरियाणा में 1 अक्टूबर 2026 से पेट्रोल-डीजल भरवाने का तरीका बदलने जा रहा है। अगर आपकी गाड़ी के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र यानी PUCC नहीं है या वह End-of-Life Vehicle की श्रेणी में आती है, तो पेट्रोल पंप पर आपको ईंधन मिलने में परेशानी हो सकती है। सरकार अब पेट्रोल पंपों पर Automated Number Plate Recognition यानी ANPR कैमरों के जरिए वाहनों की पहचान करने की तैयारी में है।
पहले चरण में यह व्यवस्था हरियाणा के NCR वाले चार जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में लागू की जा रही है। इन जिलों के पेट्रोल पंपों पर 775 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। ऐसे में अगर आप इन इलाकों में वाहन चलाते हैं तो 1 अक्टूबर से पहले अपने वाहन के दस्तावेज और प्रदूषण प्रमाणपत्र जरूर जांच लें।
आखिर पेट्रोल पंप पर कैमरा क्या चेक करेगा?
ANPR कैमरा पेट्रोल पंप पर आने वाले वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेगा। सिस्टम वाहन से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड से मिलाकर यह पता लगाने में मदद करेगा कि वाहन के पास वैध PUCC है या नहीं और वह End-of-Life Vehicle की श्रेणी में तो नहीं आता।
हरियाणा सरकार ने इस तकनीक को प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करने के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया है। राज्य सरकार के मुताबिक इसका मकसद पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है।
1 अक्टूबर से किन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल?
इस व्यवस्था के तहत दो तरह के वाहन खास तौर पर प्रभावित होंगे। पहला, जिन वाहनों के पास वैध PUCC नहीं होगा। दूसरा, ऐसे वाहन जो लागू नियमों के अनुसार End-of-Life Vehicle यानी निर्धारित जीवन अवधि पूरी कर चुके हैं।
रिपोर्टों में 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को End-of-Life श्रेणी से जोड़कर बताया गया है। हालांकि वाहन की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर संबंधित श्रेणी तय होगी। इसलिए सिर्फ वाहन की उम्र देखकर किसी गाड़ी को स्वतः हर स्थिति में प्रतिबंधित मानना सही नहीं होगा।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में कितने कैमरे लगेंगे?
पहले चरण में कुल 775 ANPR कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा हिस्सा गुरुग्राम को मिलेगा।
| जिला | ANPR कैमरे |
|---|---|
| गुरुग्राम | 249 |
| सोनीपत | 215 |
| झज्जर | 195 |
| फरीदाबाद | 116 |
| कुल | 775 |
इस परियोजना पर करीब 41.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परियोजना को मंजूरी दी है। परिवहन मंत्री अनिल विज के अनुसार कैमरों की स्थापना 30 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
सिर्फ 775 कैमरे ही नहीं, आगे पूरा सिस्टम बड़ा होगा
775 कैमरों की व्यवस्था इस योजना का पहला चरण है। हरियाणा के NCR क्षेत्र में कुल मिलाकर करीब 2,780 ANPR कैमरों की जरूरत बताई गई है। राज्य सरकार की योजना चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था का विस्तार करने की है।
यानी अभी शुरुआत चार जिलों से हो रही है, लेकिन आगे इसका दायरा बढ़ सकता है। सरकार का लक्ष्य पेट्रोल पंप पर ही वाहन की पहचान करके प्रदूषण नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।
वैध PUCC नहीं है तो अभी क्या करें?
अगर आपके वाहन का Pollution Under Control Certificate यानी PUCC खत्म हो चुका है तो 1 अक्टूबर का इंतजार करना ठीक नहीं होगा। समय रहते प्रमाणपत्र की वैधता जांचना और जरूरत पड़ने पर नया PUCC बनवाना जरूरी होगा।
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट रूप से 1 अक्टूबर 2026 से ‘No PUCC, No Fuel’ व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। CAQM के निर्देशों के तहत NCR में ईंधन देने से पहले प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच को तकनीक से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
सरकार ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
दिल्ली-NCR में वाहन प्रदूषण लंबे समय से वायु गुणवत्ता से जुड़ी बड़ी चिंता रहा है। इसी वजह से CAQM ने NCR में प्रदूषण मानकों का पालन कराने के लिए ईंधन स्टेशनों पर वाहनों की पहचान और PUCC की जांच को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा सरकार का कहना है कि ANPR तकनीक के जरिए End-of-Life Vehicles की पहचान ज्यादा प्रभावी तरीके से की जा सकेगी और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
1 अक्टूबर से पहले वाहन मालिक जरूर कर लें ये काम
अगर आप गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत या झज्जर में रहते हैं या इन इलाकों में नियमित रूप से वाहन लेकर जाते हैं, तो अपने वाहन की PUCC वैधता जरूर जांच लें। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी दस्तावेज भी अपडेट रखें।
खास तौर पर पुराने पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों को यह पता कर लेना चाहिए कि उनका वाहन End-of-Life Vehicle से जुड़े लागू नियमों के दायरे में आता है या नहीं। क्योंकि 1 अक्टूबर के बाद पेट्रोल पंप पर नंबर प्लेट की डिजिटल जांच व्यवस्था लागू होने के बाद नियमों से बचना आसान नहीं रहेगा।
