Girl Child 1 Lakh 2 Lakh Scheme को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार बेटी के जन्म पर परिवार को आर्थिक मदद दे रही है। वायरल वीडियो में कहा गया है कि एक बेटी होने पर ₹1 लाख और दो बेटियां होने पर ₹2 लाख रुपये दिए जाएंगे। अगर आपके पास भी ऐसा वीडियो या मैसेज पहुंचा है तो सावधान हो जाइए, क्योंकि PIB Fact Check ने इस दावे को फर्जी बताया है।
क्या सच में बेटी के जन्म पर मिल रहे ₹1 लाख?
नहीं। केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक बेटी के लिए ₹1 लाख और दो बेटियों के लिए ₹2 लाख देने की ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है।
PIB Fact Check ने 15 सितंबर 2026 को इस वायरल दावे की जांच करते हुए बताया कि फेसबुक पेज ‘Extra Yojana’ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक डीपफेक वीडियो शेयर किया गया था। इसी वीडियो के जरिए बेटी के जन्म पर लाखों रुपये की सरकारी सहायता का दावा किया गया। PIB ने इसे फर्जी करार दिया है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में कथित तौर पर यह संदेश दिया जा रहा था कि केंद्र सरकार बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। इसमें एक बेटी होने पर ₹1 लाख और दो बेटियां होने पर ₹2 लाख मिलने की बात कही गई।
ऐसे दावे देखने में सरकारी योजना जैसे लग सकते हैं, खासकर जब वीडियो में प्रधानमंत्री या किसी सरकारी कार्यक्रम की तस्वीरों और आवाज का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन PIB Fact Check के मुताबिक इस मामले में वीडियो वास्तविक नहीं है और इसे डीपफेक तकनीक के जरिए तैयार किया गया था।
🚨 #Facebook पेज 'Extra Yojana' द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक डीप फेक वीडियो साझा कर दावा किया जा रहा है कि सरकार द्वारा एक बेटी के लिए ₹1 लाख और दो बेटियों के लिए ₹2 लाख दिए जा रहे हैं।#PIBFactCheck
❌ यह दावा #फर्जी है।
✅ केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री… pic.twitter.com/jBbacUHvOF
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 15, 2026 सरकार की असली योजना क्या है?
बेटियों और माताओं से जुड़ी केंद्र सरकार की वास्तविक योजनाएं जरूर हैं, लेकिन वायरल वीडियो में बताई गई ₹1 लाख और ₹2 लाख वाली सहायता उनसे अलग है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना यानी PMMVY के तहत पात्र महिलाओं को पहली जीवित संतान के लिए ₹5,000 की सहायता दो किस्तों में दी जाती है। दूसरी संतान बेटी होने पर पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि निर्धारित स्वास्थ्य और पोषण संबंधी शर्तों से जुड़ी होती है और DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है।
इसलिए PMMVY के लाभ को वायरल वीडियो में बताए गए ₹1 लाख या ₹2 लाख से जोड़ना सही नहीं है।
वायरल मैसेज पर भरोसा करना क्यों खतरनाक हो सकता है?
फर्जी सरकारी योजना के नाम पर वायरल किए जाने वाले वीडियो और पोस्ट सिर्फ गलत जानकारी तक सीमित नहीं रहते। कई बार ऐसे पोस्ट के साथ रजिस्ट्रेशन लिंक या फॉर्म भी शेयर किए जाते हैं, जहां लोगों से आधार, बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर या दूसरी निजी जानकारी मांगी जा सकती है।
PIB Fact Check ने भी लोगों को ऐसे संदिग्ध लिंक और रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी है। किसी भी सरकारी योजना के लिए आवेदन करने से पहले उसकी जानकारी संबंधित सरकारी वेबसाइट पर जांचना जरूरी है।
सरकारी योजना की जानकारी कहां से जांचें?
PIB Fact Check के मुताबिक केंद्र सरकार से जुड़ी किसी योजना, घोषणा या वायरल दावे की सत्यता सरकारी स्रोतों से जांची जा सकती है। PIB Fact Check Unit सरकारी नीतियों, योजनाओं, दिशा-निर्देशों और पहलों से संबंधित वायरल दावों की तथ्यात्मक जांच करता है।
इसके अलावा संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी पोर्टल पर योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देखी जा सकती है।
बेटी के नाम पर आने वाले ऐसे दावों से रहें सावधान
सोशल मीडिया पर किसी प्रधानमंत्री, मंत्री या सरकारी अधिकारी के वीडियो को देखकर तुरंत उसे सरकारी घोषणा मान लेना सही नहीं है। खासकर जब वीडियो में बड़ी रकम देने का दावा किया जा रहा हो और साथ में किसी लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा जा रहा हो।
इस मामले में भी PIB Fact Check ने साफ कर दिया है कि एक बेटी पर ₹1 लाख और दो बेटियों पर ₹2 लाख देने का दावा फर्जी है। इसलिए ऐसे वीडियो को आगे शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
