Painkiller – Health Tips: सिरदर्द, बदन दर्द, कमर दर्द या बुखार होने पर बहुत से लोग तुरंत Painkiller ले लेते हैं। कभी-कभार सही मात्रा में दवा लेना आमतौर पर समस्या नहीं होती, लेकिन दर्द की दवा को बार-बार या लंबे समय तक अपनी मर्जी से लेने की आदत स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
कुछ painkillers, खासकर NSAIDs, किडनी में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में किडनी की कार्यक्षमता पर असर डाल सकते हैं।
किन Painkillers से किडनी पर असर पड़ सकता है?
Ibuprofen और naproxen जैसी दवाएं NSAID (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) की श्रेणी में आती हैं। इनका इस्तेमाल दर्द और सूजन कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में या लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इनसे किडनी पर दबाव बढ़ सकता है।
जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्या है या जो शरीर में पानी की कमी से जूझ रहे हैं, उनमें विशेष सावधानी की जरूरत होती है।
Dehydration में Painkiller लेना क्यों हो सकता है जोखिम भरा?
अगर किसी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, तेज बुखार या किसी अन्य वजह से शरीर में पानी की कमी हो गई है, तो किडनी तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में कुछ NSAIDs किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं और Acute Kidney Injury (AKI) का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए बीमारी के दौरान खुद से painkiller लेने के बजाय डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
क्या हर Painkiller किडनी के लिए नुकसानदायक है?
नहीं। सभी दर्द की दवाओं का किडनी पर एक जैसा प्रभाव नहीं होता। उदाहरण के लिए, Paracetamol/Acetaminophen को सामान्यतः निर्धारित मात्रा में लेने पर किडनी के लिए NSAIDs की तुलना में अलग जोखिम प्रोफाइल वाला विकल्प माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे मनमानी मात्रा में लिया जा सकता है। अधिक मात्रा में इसका इस्तेमाल खासकर लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके अलावा कई सर्दी-जुकाम की दवाओं में भी paracetamol जैसे ingredients मौजूद हो सकते हैं। अलग-अलग दवाएं एक साथ लेने पर अनजाने में कुल मात्रा ज्यादा हो सकती है।
लंबे समय तक Painkiller लेने से क्या हो सकता है?
लंबे समय तक कुछ painkillers का इस्तेमाल करने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मामलों में लगातार analgesic इस्तेमाल से chronic kidney problems भी विकसित हो सकती हैं।
जो लोग नियमित रूप से दर्द की दवा लेते हैं, उन्हें यह समझना जरूरी है कि बार-बार होने वाला दर्द केवल दवा से दबाने के बजाय उसके कारण की जांच भी करानी चाहिए।
Painkiller लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
- दवा की recommended dose से ज्यादा न लें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक painkiller न लें।
- एक साथ कई ऐसी दवाएं न लें जिनमें समान painkiller ingredient मौजूद हो।
- उल्टी या दस्त के कारण dehydration हो तो दवा लेने से पहले डॉक्टर/फार्मासिस्ट से सलाह लें।
- अगर पहले से किडनी, दिल या हाई BP की समस्या है तो painkiller लेने से पहले डॉक्टर से पूछें।
- बार-बार दर्द होने पर सिर्फ painkiller पर निर्भर रहने के बजाय दर्द का कारण पता कराएं।
जरूरी बात
Painkiller को पूरी तरह खतरनाक मानना सही नहीं है। सही दवा, सही मात्रा और सही अवधि में इनका इस्तेमाल दर्द को नियंत्रित करने में मदद करता है। समस्या मुख्य रूप से गलत दवा, ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल से पैदा हो सकती है।
अगर आप नियमित रूप से painkiller लेते हैं या पहले से किडनी की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
