Health Tips: सितंबर का महीना आते ही मौसम में बदलाव महसूस होने लगता है। कई जगहों पर बारिश का दौर धीरे-धीरे कम होता है, जबकि दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंडक रहने लगती है। मौसम के इस बदलाव के साथ कई लोगों को सर्दी, खांसी, गले में खराश, छींक और बुखार जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं।
अस्पतालों की ओपीडी में भी बदलते मौसम के दौरान वायरल और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ती देखी जा रही है।
तापमान में उतार-चढ़ाव बन सकता है बड़ी वजह
सितंबर में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगता है। दिन में तेज गर्मी और रात या सुबह के समय अपेक्षाकृत ठंडा मौसम शरीर के लिए बदलाव की स्थिति पैदा करता है। ऐसे वातावरण में जिन लोगों को पहले से एलर्जी या सांस संबंधी परेशानी है, उनमें लक्षण ज्यादा महसूस हो सकते हैं।
बारिश के बाद बढ़ती नमी भी करती है परेशान
मानसून के दौरान वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है। सितंबर में बारिश कम होने के बावजूद कई जगहों पर हवा में नमी बनी रहती है। घरों की नम दीवारें, गीले सामान और पर्याप्त हवा का आवागमन न होने पर फफूंद (Mold) बढ़ सकती है, जो कुछ लोगों में एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्या को ट्रिगर कर सकती है।
वायरल संक्रमण फैलने का भी बढ़ता है खतरा
सर्दी और खांसी हमेशा केवल मौसम बदलने की वजह से नहीं होती। कई बार इसके पीछे वायरल रेस्पिरेटरी इंफेक्शन भी हो सकता है। खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। बारिश या खराब मौसम में लोग बंद और कम हवादार जगहों पर ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है।
एलर्जी वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
सितंबर-अक्टूबर के दौरान नमी, धूल, फफूंद और हवा में मौजूद अन्य एलर्जेंस कुछ लोगों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। इससे छींक, नाक बंद होना, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अस्थमा या पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों को ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
बदलते मौसम में कैसे करें बचाव?
मौसम बदलने के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर संक्रमण और एलर्जी से बचने में मदद मिल सकती है।
- घर और आसपास की जगह को साफ और सूखा रखें।
- धूल और प्रदूषण वाली जगहों पर जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- नींद पूरी लें और संतुलित भोजन करें।
- गीले कपड़े पहनकर ज्यादा देर तक न रहें।
- कमरे में हवा का पर्याप्त आवागमन रखें।
- जिन चीजों से एलर्जी होती है, उनसे दूरी बनाए रखें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
सामान्य सर्दी-खांसी कई बार कुछ दिनों में ठीक हो सकती है, लेकिन अगर तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार बढ़ती खांसी या लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या अन्य गंभीर बीमारी वाले लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ध्यान रखें: हर सर्दी-खांसी को केवल मौसम बदलने का असर मानकर खुद से दवा या एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है। लक्षणों के कारण के अनुसार उचित सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।
