मुंबई में नवरात्रि और दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। शहर में जगह-जगह पंडाल सजाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी बीच अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने पंडाल आयोजकों के लिए बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष व्यवस्था की घोषणा की है।
कंपनी के मुताबिक, पूरा आवेदन मिलने के 48 घंटे के भीतर अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
कंपनी का कहना है कि त्योहारों के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति केवल रोशनी और सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पूरे आयोजन के सुचारु संचालन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए कनेक्शन प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज बनाया गया है।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, अधिकृत कनेक्शन पर जोर
नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों के आयोजक अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ‘New Connection’ सेक्शन के माध्यम से आवेदन करने की व्यवस्था बताई गई है। कंपनी ने आयोजकों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे केवल अधिकृत बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के अनधिकृत विद्युत उपयोग से बचें।
यह व्यवस्था इसलिए भी अहम है क्योंकि बड़े पंडालों में बिजली की खपत काफी अधिक होती है। रोशनी, साउंड सिस्टम, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों के कारण अस्थायी वायरिंग पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में अधिकृत कनेक्शन और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में मदद कर सकता है।
पंडालों के आसपास लगाई गईं करीब 850 फ्लडलाइट्स
त्योहार के दौरान रात में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए करीब 850 फ्लडलाइट्स विभिन्न नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य पंडाल क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।
कंपनी ने बताया कि उसकी तैयारियां केवल पंडालों तक सीमित नहीं हैं। हाल ही में गणेशोत्सव के दौरान लगभग 1,100 अस्थायी बिजली कनेक्शन गणपति पंडालों को उपलब्ध कराए गए थे। वहीं, 22 बीएमसी वार्डों में 149 विसर्जन स्थलों पर 2,792 से अधिक फ्लडलाइट्स लगाने की व्यवस्था की गई थी।
पिछले साल 653 से ज्यादा पंडालों को मिली थी बिजली
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के अनुसार, पिछले वर्ष उसके वितरण क्षेत्र में 653 से अधिक नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई थी। इस अनुभव के आधार पर इस बार भी परिचालन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
कंपनी का लक्ष्य है कि त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा आने पर उसका समाधान कम से कम समय में किया जा सके। इसके लिए विशेष Quick Response Teams (QRTs) को तैनात किया गया है।
बिजली बाधित हुई तो तुरंत सक्रिय होंगी क्विक रिस्पॉन्स टीमें
त्योहारों के दौरान पंडालों में लोगों की भीड़ अधिक रहती है। ऐसे में बिजली से जुड़ी छोटी सी तकनीकी समस्या भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी ने क्विक रिस्पॉन्स टीमों को तैयार रखा है।
कंपनी के मुताबिक, किसी खराबी या बिजली आपूर्ति में व्यवधान की स्थिति में ये टीमें मौके पर पहुंचकर समस्या का पता लगाने और बिजली बहाली की कार्रवाई करेंगी। इसके लिए एक व्यापक रिस्टोरेशन प्लान भी तैयार किया गया है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों को विशेष हिदायत
बिजली व्यवस्था के साथ-साथ विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। पंडाल आयोजकों को सलाह दी गई है कि वायरिंग और विद्युत उपकरणों की स्थापना का काम केवल लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर से कराया जाए।
साथ ही, स्वीकृत गुणवत्ता वाले तार, स्विच और अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। अनधिकृत एक्सटेंशन, सीधे बिजली लेने, वायरिंग में अनावश्यक जोड़ बनाने और स्वीकृत क्षमता से अधिक लोड इस्तेमाल करने से बचने को कहा गया है।
पंडालों में बिजली का मीटर और अन्य विद्युत उपकरण जिस स्थान पर लगाए जाएं, वहां सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखना जरूरी होगा। कंपनी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का मूल उद्देश्य यही है कि धार्मिक उत्सव की रौनक के बीच बिजली सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।
त्योहार की रौनक के साथ सुरक्षा भी प्राथमिकता
मुंबई जैसे महानगर में नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान हजारों लोग पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के साथ सुरक्षित विद्युत व्यवस्था भी आयोजन का अहम हिस्सा बन जाती है।
48 घंटे में अस्थायी कनेक्शन, करीब 850 फ्लडलाइट्स, विशेष क्विक रिस्पॉन्स टीमें और सुरक्षा दिशा-निर्देशों के जरिए इस बार बिजली कंपनी ने त्योहारों के दौरान व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त रखने की तैयारी की है।
आयोजकों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए केवल अधिकृत बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल करें, ताकि नवरात्रि और दुर्गा पूजा का उत्सव सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध तरीके से संपन्न हो सके।
