Bahraich News: बहराइच में कतर्नियाघाट जंगल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जंगल में लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों को झाड़ियों के बीच मानव कंकाल मिला। कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान मुर्तिहा क्षेत्र के भगड़िया निवासी रामप्रवेश (50) के रूप में बताई गई है। वन्यजीव के हमले में मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
जानकारी के मुताबिक, रामप्रवेश करीब डेढ़ महीने से लापता बताए जा रहे थे। बारिश के बाद जंगल में लकड़ी बीनने पहुंचे कुछ ग्रामीणों की नजर झाड़ियों में पड़े कंकाल पर पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी।
कपड़ों से हुई मृतक की पहचान
घटनास्थल के पास मिले कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान रामप्रवेश के रूप में की गई। पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की और कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
वन्यजीव के हमले की आशंका
पुलिस और वन विभाग की शुरुआती जांच में वन्यजीव के हमले की आशंका सामने आई है। स्थानीय स्तर पर बाघ के हमले की चर्चा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर मौत का कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट माना जाएगा। बहराइच के जंगलों से सटे इलाकों में पहले भी बाघ और तेंदुए के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
जंगल के आसपास रहने वालों में चिंता
घटना के बाद जंगल से सटे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों से जंगल में अकेले जाने और वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की जा सकती है।
जरूरी बात: रामप्रवेश की मौत बाघ के हमले से ही हुई थी या किसी अन्य वन्यजीव के कारण, इसकी अंतिम पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
