त्योहारी सीजन में नया टीवी, फ्रिज या एयर कंडीशनर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां अक्टूबर की शुरुआत से कई उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं।
बाजार से मिल रही जानकारी के मुताबिक, कुछ श्रेणियों में दाम 3 से 8 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी कंपनी, उत्पाद और मॉडल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
कीमतों में यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है, जब धनतेरस और दिवाली के दौरान घरेलू उपकरणों की खरीदारी बढ़ जाती है। आम तौर पर इस अवधि में कंपनियां और रिटेलर्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ऑफर और छूट देते हैं। इस बार संभावित मूल्य वृद्धि के चलते ग्राहकों को खरीदारी से पहले ऑफर के साथ-साथ पुराने और नए स्टॉक की कीमतों की तुलना भी करनी पड़ सकती है।
1 अक्टूबर से किन इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दाम बढ़ सकते हैं?
उद्योग से जुड़ी जानकारी के अनुसार, एयर कंडीशनर की कीमतों में करीब 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, कुछ कंपनियां एलईडी टीवी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के दाम लगभग 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी में हैं। अलग-अलग कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति के कारण सभी उत्पादों पर एक जैसी बढ़ोतरी लागू होना जरूरी नहीं है।
| इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद | संभावित कीमतों में बढ़ोतरी |
|---|---|
| एयर कंडीशनर (AC) | 5–8% |
| एलईडी टीवी | 3–4% |
| रेफ्रिजरेटर | 3–4% |
| वॉशिंग मशीन | 3–4% |
ये आंकड़े संभावित उद्योग-स्तरीय बढ़ोतरी को दर्शाते हैं। किसी खास ब्रांड या मॉडल की अंतिम कीमत उसके निर्माता और विक्रेता की घोषित दर पर निर्भर करेगी।
AC की कीमतों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका
एयर कंडीशनर बनाने में इस्तेमाल होने वाले तांबे, स्टील, प्लास्टिक और अन्य घटकों की लागत बढ़ने से कंपनियों पर कीमतों में संशोधन का दबाव है। उद्योग के कुछ प्रमुख निर्माताओं ने एसी और अन्य उपकरणों के दाम बढ़ाने की बात कही है। कुछ कंपनियां पहले ही कीमतें संशोधित कर चुकी हैं, जबकि अन्य बाजार की स्थिति का आकलन कर रही हैं।
इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो दिवाली के दौरान नया एसी खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, वास्तविक कीमत इस बात पर भी निर्भर करेगी कि संबंधित मॉडल पर कंपनी या दुकानदार की ओर से कितनी छूट दी जा रही है।
टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन भी हो सकते हैं महंगे
त्योहारी खरीदारी में टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की भी बड़ी हिस्सेदारी रहती है। इन श्रेणियों में कुछ कंपनियां 3 से 4 प्रतिशत तक मूल्य वृद्धि की तैयारी में हैं। हालांकि, सभी ब्रांडों ने एक समान फैसला नहीं लिया है और कुछ कंपनियां कीमतों को लेकर अभी समीक्षा कर रही हैं।
अगर नई दरें लागू होती हैं, तो ग्राहकों को एक ही बजट में पहले के मुकाबले अलग मॉडल या कम सुविधाओं वाला विकल्प चुनना पड़ सकता है। इसलिए खरीदारी के समय केवल डिस्काउंट प्रतिशत देखने के बजाय उत्पाद की अंतिम कीमत, वारंटी और इंस्टॉलेशन शुल्क की भी तुलना करना उपयोगी होगा।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतें?
कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के पीछे उत्पादन लागत में इजाफा प्रमुख वजहों में शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तांबे, स्टील, एल्युमिनियम और अन्य कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों का खर्च प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा माल ढुलाई महंगी होने, सप्लाई चेन पर दबाव और विदेशी मुद्रा की दरों में उतार-चढ़ाव से आयातित पुर्जों की लागत भी बढ़ सकती है। कंपनियां इन बढ़ी हुई लागतों का कुछ हिस्सा उत्पादों की कीमतों में शामिल कर रही हैं।
दिवाली तक पुरानी कीमतों पर सामान मिलने की कितनी संभावना?
संभावित मूल्य वृद्धि के बावजूद ग्राहकों को बाजार में कुछ समय तक पुरानी कीमतों पर इलेक्ट्रॉनिक सामान मिल सकता है। इसकी वजह दुकानदारों और वितरकों के पास पहले से मौजूद स्टॉक है, जिसे पुरानी दरों पर खरीदा गया था।
उद्योग से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, पुरानी कीमतों वाला स्टॉक कुछ बाजारों में करीब एक से डेढ़ महीने तक उपलब्ध रह सकता है। हालांकि, इसकी उपलब्धता दुकानदार के स्टॉक और बिक्री की रफ्तार पर निर्भर करेगी। इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर दुकान पर हर ब्रांड का सामान पुरानी कीमत पर मिल जाए।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
दिवाली या धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की योजना बना रहे ग्राहक कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं:
- अंतिम कीमत की तुलना करें: ऑनलाइन और ऑफलाइन दुकानों पर एक ही मॉडल की कीमत जांचें।
- पुराने स्टॉक के बारे में पूछें: दुकानदार से पता करें कि उत्पाद पुरानी कीमत पर उपलब्ध है या नहीं।
- ऑफर की शर्तें पढ़ें: बैंक डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और कैशबैक की शर्तें समझें।
- वारंटी और इंस्टॉलेशन शुल्क देखें: केवल शुरुआती कीमत के आधार पर फैसला न करें।
- मॉडल की जरूरत समझें: खरीदारी से पहले अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प चुनें।
क्या इस बार दिवाली की खरीदारी पर पड़ेगा असर?
त्योहारी सीजन में कीमतों का बढ़ना कंपनियों और ग्राहकों, दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। एक ओर निर्माताओं को बढ़ती उत्पादन लागत का दबाव झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्राहक दिवाली के दौरान आकर्षक छूट की उम्मीद करते हैं।
नई कीमतें लागू होने के बाद खरीदारी का वास्तविक खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां कितनी बढ़ोतरी करती हैं और रिटेल बाजार में कितने ऑफर उपलब्ध रहते हैं। पुराना स्टॉक कुछ ग्राहकों को राहत दे सकता है, लेकिन इसकी उपलब्धता सीमित हो सकती है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर की शुरुआत से AC, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। दिवाली की खरीदारी करने वालों के लिए बेहतर होगा कि वे जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अलग-अलग दुकानों पर उपलब्ध कीमतों और ऑफर्स की तुलना करें।
