झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शुक्रवार को पहली दौर की बातचीत हुई। स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की ओर से बनाए गए चार मंत्रियों के पैनल ने 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। छात्रों ने वार्ता को सकारात्मक बताया, लेकिन साफ कर दिया कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
चार मंत्रियों के पैनल ने छात्रों से की बात
हेमंत सोरेन सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का पैनल बनाया गया था। इसमें झामुमो के चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार सोनू, कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह और राजद के संजय प्रसाद यादव शामिल थे। छात्रों की तरफ से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में अपनी मांगें रखीं।
छात्र नेता रवीन्द्र पासवान ने बैठक के बाद कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने अपनी सभी प्रमुख मांगों और उनसे जुड़े तथ्यों को विस्तार से रखा।
छात्रों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और JPSC-JSSC की व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि मामले की जांच CBI या राज्य से बाहर के हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए।
छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और OMR शीट में कथित गड़बड़ी जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
10 अगस्त तक का अल्टीमेटम
बैठक के बाद छात्रों ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है और उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया है। लेकिन छात्रों का कहना है कि सिर्फ बातचीत से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त तक मांगों पर ठोस कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर तब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
सरकार ने समाधान निकालने का भरोसा दिया
बैठक में शामिल मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों ने अपनी मांगों को विस्तार से सरकार के सामने रखा है। उन्होंने बताया कि छात्रों से कुछ मुद्दों पर लिखित जानकारी भी मांगी गई है और उनकी बात मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। सरकार की ओर से जल्द समाधान निकालने की बात कही गई है।
फिलहाल पहली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता खुला है, लेकिन छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार 10 अगस्त से पहले छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।
Key Highlights
- JPSC-JSSC विवाद पर छात्रों की सरकार से पहली वार्ता हुई।
- चार मंत्रियों के पैनल ने 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से बात की।
- छात्र 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
- CBI या स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग भी उठाई गई।
- छात्रों ने 10 अगस्त तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई।
