पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी बारिश के बीच भीड़ अचानक बढ़ने से भगदड़ मच गई। ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है और 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद पंडाल में लोगों का प्रवेश रोक दिया गया और राहत-बचाव से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बारिश और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ आगे बढ़ने से स्थिति बिगड़ी। हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है; इसलिए किसी एक वजह को अंतिम निष्कर्ष मानना अभी जल्दबाजी होगी।
ममता बनर्जी ने जताया दुख
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति की खबर पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
हादसे के बाद राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासन की ओर से भी शोक व्यक्त किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता की घोषणा की। राज्य सरकार ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
घायलों का अस्पताल में इलाज, जांच जारी
हादसे में घायल लोगों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया। राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की बात कही है। जांच में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास मार्गों तथा आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा पर उठे सवाल
कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में भारी बारिश, संकरे रास्ते और एक ही जगह भीड़ जमा होने की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है। इस घटना के बाद प्रमुख पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, स्पष्ट निकास मार्ग, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
चोरबागान पंडाल में हुई घटना की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों और जवाबदेही को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज, प्रभावित परिवारों की सहायता और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा है।
