कोलकाता चोरबागान भगदड़ के बाद प्रशासन ने इलाके में सख्ती बढ़ा दी है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 लोग घायल बताए गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
हादसे के बाद चोरबागान और आसपास के इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य इलाके में दोबारा बड़ी भीड़ जुटने और किसी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
चोरबागान भगदड़ के बाद क्या कदम उठाए गए?
पुलिस ने पंडाल और आसपास के हिस्से को जांच के लिए सुरक्षित किया है। अधिकारियों की टीम सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि भीड़ किस वजह से अचानक बेकाबू हुई और व्यवस्थाओं में कहां चूक हुई।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के सिलसिले में आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों समेत 14 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ कर घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की जा रही है।
बारिश के बीच बढ़ी थी भीड़
यह हादसा महा सप्तमी की शाम उस समय हुआ जब पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। बारिश के बीच लोगों के बीच अचानक अफरा-तफरी की स्थिति बनी और भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान कई लोग गिर पड़े, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई।
घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित करने की बात कही है। जांच में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम तथा आयोजन से जुड़े निर्णयों की भी समीक्षा की जा रही है।
धारा 163 के तहत इलाके में प्रतिबंध
पुलिस ने चोरबागान पंडाल के आसपास के रास्तों पर धारा 163 लागू कर भीड़ और सार्वजनिक जमावड़े पर रोक लगाई है। प्रतिबंधों का उद्देश्य जांच के दौरान मौके की सुरक्षा बनाए रखना और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना है। यह आदेश 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन ने अन्य बड़े दुर्गा पूजा पंडालों में भी पर्याप्त प्रवेश-निकास मार्ग, रोशनी और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। चोरबागान की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों और पुलिस की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हादसे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
