लोकसभा के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी-पेपर लीक कानून पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने सदन का माहौल गरमा दिया। राहुल गांधी ने देशभर में हुए छात्र आंदोलनों, पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उनके कुछ शब्दों और टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों ने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाकर पूरे देश का ध्यान शिक्षा व्यवस्था की ओर खींचा। उन्होंने दावा किया कि छात्र सिर्फ अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। राहुल गांधी के इन आरोपों पर सत्ता पक्ष ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई और आरोपों को निराधार बताया।
‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
राहुल गांधी के भाषण के दौरान ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री समेत कई नेताओं ने इन टिप्पणियों को असंसदीय बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा और संबंधित शब्दों को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए गए।
सरकार ने आरोपों को किया खारिज
सरकार ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि छात्र प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी नहीं हुई थी और केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। सरकार ने राहुल गांधी से अपने आरोपों पर माफी मांगने की भी मांग की।
