Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 को शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार पर दबाव बढ़ गया। Nifty 50 करीब 22,529 के स्तर तक फिसला, जबकि Sensex 72,964 के आसपास रहा। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण Brent crude करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
चौथे सत्र में गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे सत्र कमजोरी देखने को मिली। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से बाजार में वैश्विक संकेत, महंगा तेल और विदेशी बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति असर डाल रही है। शुक्रवार को भी शुरुआती सुधार के बाद बिकवाली लौट आई। निवेशक अब कंपनियों के तिमाही नतीजों के साथ-साथ कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
Crude Oil 114 डॉलर के करीब
तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ सकता है और मुद्रास्फीति पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा रुपये पर भी दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि कच्चे तेल में तेज उछाल शेयर बाजार की धारणा को कमजोर कर देता है।
15 सेक्टरल इंडेक्स में गिरावट
उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के अनुसार 16 प्रमुख सेक्टरल इंडेक्स में से 15 में गिरावट रही। इससे पता चलता है कि कमजोरी केवल एक-दो सेक्टर तक सीमित नहीं थी। व्यापक बाजार में भी दबाव दिखा और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
Midcap-Smallcap में ज्यादा दबाव
मिडकैप इंडेक्स करीब 3.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 2.5 प्रतिशत नीचे रहा। इन शेयरों में तेजी के बाद वैल्यूएशन को लेकर पहले से चिंता थी। बाजार में जोखिम बढ़ने पर निवेशक अक्सर ज्यादा जोखिम वाले शेयरों में मुनाफावसूली करते हैं, जिससे इन सूचकांकों में गिरावट तेज हो सकती है।
IT Stocks ने दिखाई मजबूती
बाजार की व्यापक कमजोरी के बावजूद IT सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत रहा। IT इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी देखी गई। वैश्विक टेक शेयरों में दबाव के बावजूद भारतीय IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और डॉलर आय की वजह से सेक्टर को कुछ समर्थन मिला।
Swiggy और Colgate पर दबाव
कंपनी विशेष खबरों में Swiggy के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली। मार्जिन और कारोबार से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की। Colgate-Palmolive India के शेयर में भी कमजोरी रही, जबकि कंपनी ने तिमाही में मुनाफा और राजस्व में वृद्धि दर्ज की तथा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया।
Cyient में तेजी
दूसरी ओर मजबूत तिमाही नतीजों के बाद Cyient के शेयर में तेजी देखी गई। इससे संकेत मिलता है कि कमजोर बाजार में भी निवेशक मजबूत परिणाम देने वाली कंपनियों में अवसर तलाश रहे हैं। बाजार का फोकस अब कंपनियों के earnings season पर बना रहेगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मौजूदा माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी या घबराकर बिक्री करने के बजाय अपने निवेश की अवधि और जोखिम क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। ट्रेडर्स के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण होंगे, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी के बिजनेस और वैल्यूएशन पर फोकस करना चाहिए। महंगे तेल और वैश्विक तनाव से जुड़ी खबरों में अचानक उतार-चढ़ाव संभव है।
निष्कर्ष
Share Market Today में Nifty और Sensex की कमजोरी के पीछे महंगा crude oil, पश्चिम एशिया तनाव और व्यापक बाजार में बिकवाली प्रमुख कारण रहे। आने वाले सत्रों में तेल की कीमत, वैश्विक बाजार और तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
