Elon Musk की Tesla ने नई Roadster को ऐसे अंदाज में पेश किया है, जिसने इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में हलचल मचा दी है। डेमो के दौरान कार को हवा में छलांग, फ्लिप और इन्वर्टेड ड्राइव जैसे स्टंट करते दिखाया गया। हालांकि, इसे पारंपरिक अर्थों में लगातार उड़ने वाली कार मानना सही नहीं होगा; यह हाई-प्रेशर गैस थ्रस्टर और विशेष सक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करती है।
Tesla Roadster में क्या है खास?
नई Roadster के सबसे खास वर्जन में SpaceX से प्रेरित कोल्ड-गैस थ्रस्टर लगाए गए हैं। डेमो में कार ने हवा में दिशा बदलने और लैंड करने की क्षमता दिखाई। इसके अलावा अंडरबॉडी फैन आधारित सक्शन सिस्टम कार को सतह से मजबूती से चिपकाने में मदद करता है, जिससे इन्वर्टेड ड्राइव जैसी क्षमता दिखाई गई।
0 से 96 किमी/घंटे की रफ्तार सिर्फ 0.81 सेकंड
Tesla के मुताबिक Rocket वर्जन ने टेस्ट के दौरान 0 से 60 मील प्रति घंटे यानी करीब 96.5 किमी/घंटे की रफ्तार 0.81 सेकंड में हासिल की। कंपनी ने इसकी टॉप स्पीड 370 किमी/घंटे से ज्यादा बताई है। हालांकि अंतिम प्रोडक्शन स्पेसिफिकेशन में बदलाव संभव हैं।
रेंज और उड़ने की क्षमता
नई Roadster की क्लेम्ड रेंज करीब 483 किलोमीटर बताई गई है। हवा में करतब के लिए कार में हाई-प्रेशर कम्प्रेस्ड गैस स्टोर करने वाला सिस्टम इस्तेमाल किया गया है। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कार लगातार कितनी देर हवा में रह सकती है, इसलिए इसे पूरी तरह से फ्लाइंग कार के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी।
2028 तक प्रोडक्शन का लक्ष्य
Tesla ने नई Roadster का प्रोडक्शन 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने Performance, Thrust और Rocket जैसे कॉन्फिगरेशन पेश किए हैं। Rocket वर्जन में सिंगल-सीट सेटअप और ज्यादा एडवांस थ्रस्टर सिस्टम दिया गया है।
क्या Tesla Roadster सड़क पर चलेगी?
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात इसके इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़ी है। Rocket वर्जन के डेमो में दिखाए गए थ्रस्टर और एरियल स्टंट को सामान्य सार्वजनिक सड़क पर इस्तेमाल के लिए तैयार मानना उचित नहीं है। Tesla और Musk ने भी इसके सुरक्षा और प्रोडक्शन को लेकर कई सीमाओं की ओर संकेत किया है। इसलिए असली सवाल यह है कि डेमो में दिखाई गई तकनीक का कितना हिस्सा नियमित ग्राहक के लिए उपलब्ध होगा।
