नई दिल्ली: करीब एक महीने से अधिक समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा Cockroach Janata Party का Protest शनिवार को समाप्त हो गया। संगठन ने केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया। CJP का कहना है कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है और लिखित आश्वासन देने का भरोसा भी दिया है।
सरकार से बातचीत के बाद लिया फैसला
CJP के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को कई दौर की बैठक हुई। बातचीत के बाद संगठन ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद आंदोलन को “गुड फेथ” (सद्भावना) के आधार पर वापस लेने का फैसला किया गया। हालांकि CJP ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से किए गए वादों के क्रियान्वयन पर उनकी नजर बनी रहेगी।
किन मांगों पर बनी सहमति?
सरकार और CJP के बीच हुई बातचीत में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। संगठन के अनुसार:
- NEET से जुड़े प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी।
- प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया।
- शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार को लेकर सरकार के साथ आगे भी चर्चा होगी।
- CJP द्वारा सौंपे गए पांच सूत्रीय मांगपत्र पर अगले कुछ सप्ताह में फिर बैठक होगी।
- लिखित आश्वासन देने की बात
CJP के नेताओं ने बताया कि सरकार को एक ड्राफ्ट सौंपा गया है, जिसके आधार पर लिखित आश्वासन दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि सरकार ने जल्द ही आधिकारिक दस्तावेज साझा करने का भरोसा दिया है ताकि तय बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बना अहम मोड़
आंदोलन की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था। उनके पद छोड़ने के बाद सरकार और CJP के बीच बातचीत तेज हुई और इसके बाद आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया। संगठन ने इसे छात्रों के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया।
CJP ने क्या कहा?
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन फिलहाल आंदोलन समाप्त कर रहा है, लेकिन यदि तय समय के भीतर सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है तो आगे की रणनीति पर फिर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब ध्यान शिक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने पर रहेगा।
