रीठा शैंपू क्या है और क्यों हो रहा है चर्चा में?
बालों की सफाई के लिए शैंपू हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही लोगों का रुझान पारंपरिक और हर्बल विकल्पों की ओर भी बढ़ा है। इन्हीं विकल्पों में रीठा शैंपू का नाम काफी पुराना है। रीठा यानी soapnut के फल के छिलके में saponins पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक surfactant की तरह काम करते हैं। आसान भाषा में समझें तो ये पानी के साथ मिलकर गंदगी और तेल को हटाने में मदद कर सकते हैं और झाग भी बना सकते हैं। वैज्ञानिक साहित्य में Sapindus mukorossi यानी रीठे को प्राकृतिक cleansing agent के तौर पर इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख मिलता है। हालांकि इसे बालों की हर समस्या का इलाज या बाल तेजी से बढ़ाने वाला प्रमाणित उपचार मानना सही नहीं होगा।
घर पर रीठा शैंपू बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
रीठा शैंपू बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती। इस घरेलू मिश्रण में रीठे के साथ आंवला और शिकाकाई का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आपको 8 से 10 सूखे रीठे लेने हैं, जिनके बीज निकाल दिए गए हों। इसके अलावा 5 से 6 सूखे आंवले, 5 से 6 सूखी शिकाकाई और करीब 2 से 3 कप पानी चाहिए। सामग्री की यह मात्रा घर में एक छोटा बैच तैयार करने के लिए पर्याप्त है।
रीठा शैंपू बनाने की आसान विधि
1. रीठा, आंवला और शिकाकाई भिगोएं
सबसे पहले एक साफ बर्तन लें और उसमें रीठा, आंवला और शिकाकाई डालें। अब इसमें करीब 2 से 3 कप पानी डालकर सभी चीजों को रातभर के लिए भिगोकर रख दें। इससे सूखे फलों के हिस्से नरम हो जाएंगे और उनके अंदर मौजूद घुलनशील तत्व पानी में निकलने में आसानी होगी।
2. सुबह धीमी आंच पर उबालें
अगली सुबह इसी मिश्रण को धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक उबालें। इसे तेज आंच पर लंबे समय तक पकाने की जरूरत नहीं है। मकसद रीठे, आंवले और शिकाकाई का अर्क पानी में अच्छी तरह मिलाना है। उबालने के बाद मिश्रण को कुछ देर ठंडा होने दें।
3. रीठे और शिकाकाई को अच्छी तरह मसलें
मिश्रण जब इतना ठंडा हो जाए कि उसे सुरक्षित तरीके से संभाला जा सके, तब रीठे और शिकाकाई को हाथों से अच्छी तरह मसलें। ऐसा करने से इनके अंदर मौजूद पदार्थ पानी में और अच्छी तरह मिल जाएंगे। इसी प्रक्रिया के दौरान मिश्रण में प्राकृतिक झाग दिखाई दे सकता है। रीठे में मौजूद saponins इसके प्राकृतिक cleansing और lathering गुणों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
4. छानकर बोतल में भरें
अब तैयार मिश्रण को किसी बारीक छलनी या साफ पतले कपड़े से छान लें। इससे रीठे, आंवले और शिकाकाई के बचे हुए टुकड़े अलग हो जाएंगे और आपको एक तरल मिश्रण मिलेगा। इसे साफ कंटेनर में रखें और इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह देख लें कि इसमें कोई अवशेष न रह गया हो।
रीठा शैंपू बालों में कैसे लगाएं?
रीठा शैंपू इस्तेमाल करने से पहले बालों को सामान्य पानी से अच्छी तरह गीला कर लें। इसके बाद तैयार किए गए मिश्रण की थोड़ी मात्रा हाथों में लेकर मुख्य रूप से स्कैल्प पर लगाएं। उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से करीब 3 से 5 मिनट तक मसाज करें। इसके बाद बालों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। घर पर तैयार किए गए रीठा मिश्रण में बाजार के शैंपू की तरह ज्यादा झाग नहीं बनेगा, लेकिन कम झाग का मतलब यह नहीं है कि सफाई नहीं हो रही है। प्राकृतिक surfactants की foaming और cleansing क्षमता commercial formulations से अलग हो सकती है।
हफ्ते में कितनी बार इस्तेमाल करें?
मूल घरेलू विधि में इसे हफ्ते में करीब दो बार इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हालांकि हर व्यक्ति के बाल और स्कैल्प की स्थिति अलग होती है। अगर इस्तेमाल के बाद बाल बहुत रूखे महसूस हों, स्कैल्प में जलन हो या खुजली बढ़ जाए तो इसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है। खासकर संवेदनशील स्कैल्प वाले लोगों को किसी भी नए हेयर प्रोडक्ट या घरेलू मिश्रण को पूरे सिर पर लगाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या रीठा शैंपू से बाल घने और लंबे हो जाएंगे?
रीठा शैंपू को लेकर सबसे ज्यादा आकर्षण इसी दावे की वजह से है कि इससे बाल घने, लंबे और मजबूत हो सकते हैं। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। रीठे में मौजूद saponins बालों और स्कैल्प से तेल तथा गंदगी हटाने में मदद करने वाले प्राकृतिक cleansing agents हैं। इससे बाल साफ और बेहतर महसूस हो सकते हैं, लेकिन केवल रीठा शैंपू इस्तेमाल करने से नए बाल उगने या बालों की growth तेजी से बढ़ने की गारंटी नहीं है। उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य रीठे के cleansing और कुछ antimicrobial गुणों की चर्चा करता है, लेकिन इसे hair-growth treatment के रूप में स्थापित करने के लिए मजबूत clinical evidence सीमित है।
आंवला और शिकाकाई क्यों मिलाए जाते हैं?
रीठे के साथ आंवला और शिकाकाई का इस्तेमाल पारंपरिक हेयर केयर में लंबे समय से किया जाता रहा है। इस मिश्रण में रीठा मुख्य रूप से cleansing और foaming के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि आंवला और शिकाकाई पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि घरेलू मिश्रण में इन तीनों को शामिल करने से बाल झड़ने या गंजेपन जैसी किसी चिकित्सकीय समस्या का इलाज हो जाएगा, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता।
रीठा शैंपू इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
रीठा प्राकृतिक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति की त्वचा और स्कैल्प पर यह बिना किसी प्रतिक्रिया के काम करेगा। किसी भी नए घरेलू हेयर मिश्रण को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। अगर जलन, लालिमा, खुजली या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इस्तेमाल न करें। बालों और स्कैल्प पर लगाए जाने वाले अलग-अलग उत्पादों से allergic या irritant contact dermatitis हो सकती है, इसलिए प्राकृतिक सामग्री को भी पूरी तरह risk-free मानना सही नहीं है।
आंखों में रीठा मिश्रण जाने से बचाएं। अगर गलती से आंख में चला जाए तो साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। इसी तरह स्कैल्प पर पहले से घाव, गंभीर खुजली, संक्रमण या कोई त्वचा संबंधी समस्या है तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
घर पर बने रीठा शैंपू को कैसे रखें?
घर पर बनाया गया यह मिश्रण commercial shampoo की तरह लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए formulated और preserved नहीं होता। इसलिए इसे साफ कंटेनर में रखना और दूषित होने से बचाना जरूरी है। अगर मिश्रण की गंध, रंग या बनावट असामान्य लगने लगे तो उसे इस्तेमाल न करें। छोटी मात्रा में बनाकर ताजा इस्तेमाल करना ज्यादा व्यावहारिक विकल्प है।
रीठा शैंपू और बाजार के शैंपू में क्या अंतर है?
बाजार में मिलने वाले शैंपू एक निश्चित formulation के साथ तैयार किए जाते हैं, जिसमें cleansing agents के साथ जरूरत के हिसाब से conditioning agents, preservatives, pH adjusters और दूसरे ingredients शामिल हो सकते हैं। दूसरी तरफ घर का रीठा शैंपू एक साधारण herbal cleanser है और इसकी consistency, झाग, cleansing strength और shelf life हर बार एक जैसी नहीं हो सकती। Dermatology literature के मुताबिक shampoo का काम सिर्फ गंदगी हटाना नहीं बल्कि बालों और स्कैल्प की जरूरत के अनुसार cleansing और conditioning के बीच संतुलन बनाना भी है।
क्या हर तरह के बालों के लिए रीठा शैंपू सही है?
जरूरी नहीं। किसी के बाल oily हैं तो cleansing ज्यादा जरूरी हो सकती है, जबकि dry, curly, chemically treated या बहुत damaged hair को अतिरिक्त conditioning की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में एक ही घरेलू शैंपू हर व्यक्ति के लिए समान परिणाम देगा, यह कहना सही नहीं होगा। अगर किसी व्यक्ति को लगातार hair fall, scalp scaling, बहुत ज्यादा dandruff, खुजली या बालों की density में तेजी से कमी दिखाई दे रही है तो केवल घरेलू शैंपू पर निर्भर रहने के बजाय कारण की जांच कराना जरूरी है।
रीठा शैंपू बनाने की पूरी रेसिपी एक नजर में
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| सूखा रीठा, बीज निकला हुआ | 8-10 |
| सूखा आंवला | 5-6 |
| सूखी शिकाकाई | 5-6 |
| पानी | 2-3 कप |
| भिगोने का समय | रातभर |
| उबालने का समय | 10-15 मिनट |
| स्कैल्प पर मसाज | 3-5 मिनट |
| सुझाया गया उपयोग | सप्ताह में करीब 2 बार |
