उत्तर प्रदेश | राजनीति | 28 सितंबर 2026
नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
आजाद ने कहा कि मायावती के बयान से उन्हें खुशी हुई है, क्योंकि इससे यह स्वीकार किया गया है कि उनकी पार्टी एक बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है। उन्होंने मायावती के प्रति सम्मान जताते हुए नगीना की जनता से मिले जनादेश का भी उल्लेख किया।
मायावती के बयान पर चंद्रशेखर आजाद का जवाब
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि मायावती के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में नगीना की जनता ने उन्हें 5,12,552 वोट देकर सांसद चुना था। आजाद के मुताबिक, यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के भरोसे और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाने को लोकतंत्र में सभी का अधिकार बताया। आजाद ने कहा कि वह खुद भी चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नगीना के मतदाताओं के जनादेश को किसी साजिश से जोड़ना उन लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया।
‘बहुजन समाज में संवाद और भाईचारा बना रहना चाहिए’
अपने बयान में आजाद ने कहा कि उनकी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर आधारित नहीं है। उन्होंने बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को अपनी राजनीति का आधार बताया।
उन्होंने मतभेदों के बावजूद बहुजन समाज के लोगों के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। मायावती के प्रति अपने सम्मान को दोहराते हुए आजाद ने उनके आशीर्वाद की अपेक्षा भी जताई।
मायावती ने चंद्रशेखर आजाद पर क्या आरोप लगाए थे?
दरअसल, मायावती ने अपने बयान में नगीना से चंद्रशेखर आजाद की जीत को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने आजाद को जिताने में भूमिका निभाई। मायावती ने EVM से मतदान की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और दलित समाज के लोगों से चंद्रशेखर आजाद के प्रभाव में नहीं आने की अपील की थी। ये मायावती के आरोप हैं, जिनका आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया में जवाब दिया।
नगीना के जनादेश का किया जिक्र
चंद्रशेखर आजाद ने अपने जवाब में नगीना लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें बड़ी संख्या में वोट देकर प्रतिनिधि चुना है और वह इस भरोसे के लिए मतदाताओं के आभारी हैं।
उन्होंने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है। उन्होंने मायावती के प्रति सम्मान दोहराते हुए कहा कि यह सम्मान पहले भी था और आगे भी बना रहेगा।
यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज
मायावती और चंद्रशेखर आजाद के बीच यह बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। नगीना लोकसभा सीट पर आजाद की जीत और बहुजन समाज की राजनीति को लेकर दोनों नेताओं के बयानों ने राजनीतिक चर्चा को फिर तेज कर दिया है।
फिलहाल, मायावती के आरोपों पर चंद्रशेखर आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नगीना के मतदाताओं के जनादेश का बचाव किया है। साथ ही उन्होंने बहुजन समाज के भीतर सम्मान, संवाद और भाईचारे की जरूरत पर जोर दिया।
