France-Italy Protests: यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में शनिवार को बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। इटली में भी मिलान समेत कुछ शहरों में प्रदर्शन हिंसक हो गए।
फ्रांस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और हिंसा
फ्रांस में महंगाई, ईंधन की कीमतों, सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक देशभर में करीब 5.5 लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया, जबकि पेरिस में लगभग 1.1 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। कई मार्च शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ स्थानों पर हालात बिगड़ गए।
पेरिस समेत कई शहरों में पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ जगहों पर कारों और अन्य वस्तुओं में आग लगाने, दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुईं। लियोन में एक पर्यटक कार्यालय में आग लगने की खबर सामने आई, जबकि अन्य शहरों में सार्वजनिक इमारतों और कारोबार को भी नुकसान पहुंचा।
1200 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू के अनुसार हिंसक घटनाओं के दौरान 1,200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। करीब 150 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और हिंसा, आगजनी तथा लूटपाट के बीच अंतर पर जोर दिया है।
प्रदर्शनों की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों से हुई थी, लेकिन बाद में इसमें महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ व्यापक असंतोष भी जुड़ गया।
इटली के मिलान में भी बिगड़े हालात
इटली में भी बढ़ती जीवन-यापन लागत और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुए। मिलान में डुओमो क्षेत्र के आसपास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबर है। कुछ समूहों पर पत्थरबाजी, दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप है। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और अन्य उपायों का इस्तेमाल किया।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के अधिकार और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बीच अंतर बताया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मिलान में कई लोगों को हिरासत में लिया गया और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
यूरोप में बढ़ती महंगाई बनी बड़ा मुद्दा
फ्रांस और इटली के अलावा बेल्जियम और पुर्तगाल में भी जीवन-यापन की बढ़ती लागत, महंगे आवास, ईंधन और कम क्रय शक्ति जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों से संकेत मिलता है कि महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं का दबाव कई यूरोपीय देशों में लोगों की बड़ी चिंता बन चुका है।
हालांकि प्रदर्शनकारियों की मांगें अलग-अलग देशों में अलग हैं, लेकिन बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा के खर्च को लेकर असंतोष कई जगह समान दिखाई दे रहा है। सरकारें अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ इन आर्थिक और सामाजिक शिकायतों पर भी दबाव में हैं।
