UP Congress New Team: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद गोरखपुर और आसपास के पूर्वांचली इलाकों के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। कांग्रेस ने देवेंद्र निषाद को प्रदेश का वरिष्ठ उपाध्यक्ष और महराजगंज के आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है।
वहीं, फरेंदा से विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को लेकर क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
कांग्रेस की नई टीम में पूर्वांचल को जगह
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई नियुक्तियों में गोरखपुर और महराजगंज क्षेत्र के नेताओं को अहम स्थान मिला है। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महराजगंज के फरेंदा विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन नियुक्तियों को पूर्वांचल में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच बनाने के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी भी राजनीतिक दल के लिए इन नियुक्तियों का वास्तविक चुनावी प्रभाव आगामी गतिविधियों और चुनावी परिणामों से ही स्पष्ट होगा।
कौन हैं देवेंद्र निषाद?
देवेंद्र निषाद महरा गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के बिस्टौली बुजुर्ग के रहने वाले हैं। वह पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्हें पार्टी के मछुआरा प्रकोष्ठ से जुड़े संगठनात्मक काम की जिम्मेदारी भी मिली थी।
2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने देवेंद्र निषाद को गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, उनके प्रचार के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे थे। चुनाव में उन्हें 1,492 वोट मिले थे और उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
अब प्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद देवेंद्र निषाद की भूमिका संगठन के लिहाज से पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
आलोक प्रसाद को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
महराजगंज के आलोक प्रसाद को भी प्रदेश कांग्रेस का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह पार्टी में दलित राजनीति से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं। उनके पिता सुखदेव प्रसाद इंदिरा गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और बाद में राजस्थान के राज्यपाल भी रहे।
आलोक प्रसाद पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और पार्टी की अनुसूचित जाति शाखा से भी जुड़े रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें महराजगंज सदर से उम्मीदवार बनाया था।
नई जिम्मेदारी के साथ पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ी है। गोरखपुर-महराजगंज क्षेत्र में कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार के लिहाज से भी यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चौधरी वीरेंद्र सिंह बने कांग्रेस विधायक दल के नेता
महराजगंज जिले की फरेंदा विधानसभा सीट से विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन भाजपा विधायक बजरंग बहादुर सिंह को हराया था। उस चुनाव में कांग्रेस प्रदेश की केवल दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर सकी थी, जिनमें फरेंदा भी शामिल थी।
अब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के नेता के तौर पर वीरेंद्र चौधरी पार्टी की ओर से सदन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे पहले इस जिम्मेदारी को आराधना मिश्रा ‘मोना’ संभाल रही थीं। आराधना मिश्रा को हाल ही में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
नई नियुक्तियों में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का पहलू भी सामने आता है। आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष, देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा वीरेंद्र चौधरी को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस ने इन नियुक्तियों को विभिन्न सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने वाली संगठनात्मक संरचना के रूप में रिपोर्ट किया है। हालांकि, इन नियुक्तियों का उद्देश्य या चुनावी असर बताने वाले किसी भी राजनीतिक विश्लेषण को पार्टी की रणनीति/राजनीतिक विश्लेषण के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित चुनावी परिणाम के रूप में।
2027 से पहले संगठन में बदलाव
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। उससे पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही देवेंद्र निषाद, आलोक प्रसाद और वीरेंद्र चौधरी को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
गोरखपुर और महराजगंज क्षेत्र से तीन नेताओं को महत्वपूर्ण पद मिलने के बाद पूर्वांचल में कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों पर नजर रहेगी।
खास तौर पर देवेंद्र निषाद की वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में भूमिका और वीरेंद्र चौधरी की विधायक दल के नेता के तौर पर जिम्मेदारी आने वाले समय में पार्टी के कामकाज में दिखाई देगी।
