IND vs WI लखनऊ में कप्तान श्रेयस अय्यर का बल्ला गरजा तो रिकॉर्ड भी टूटते चले गए। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में 102 रन की नाबाद पारी खेलकर अय्यर ने न सिर्फ भारत को जीत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी अपने नाम कर लीं।
लखनऊ। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी बल्लेबाजी से ऐसा प्रभाव छोड़ा, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया।
इकाना स्टेडियम में अय्यर ने सिर्फ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन की पारी खेली और भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की।
अय्यर के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही, क्योंकि यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक था। लेकिन उनकी उपलब्धि केवल शतक तक सीमित नहीं रही। इस एक पारी के साथ वह भारतीय टी20 क्रिकेट के उन चुनिंदा कप्तानों की कतार में शामिल हो गए, जिन्होंने नेतृत्व करते हुए शतकीय प्रहार किया है।
रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के क्लब में पहुंचे अय्यर
श्रेयस अय्यर अब टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक लगाने वाले भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो चुके हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
भारतीय कप्तानों के टी20 अंतरराष्ट्रीय शतकों की सूची में रोहित शर्मा का नाम सबसे प्रमुखता से दर्ज है। रोहित ने अफगानिस्तान के खिलाफ 121 रन, श्रीलंका के खिलाफ 118 रन और वेस्टइंडीज के खिलाफ 111 रन की पारी खेली थी। सूर्यकुमार यादव ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 100 रन बनाए थे। अब इस सूची में श्रेयस अय्यर के 102 रन* भी जुड़ गए हैं।
यानी अय्यर ने लखनऊ की शाम को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि में नहीं बदला, बल्कि भारतीय कप्तानों की उस विशिष्ट सूची में भी अपनी जगह बना ली, जिसमें पहले से रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे नाम मौजूद हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाने वाले भारतीयों में भी नाम दर्ज
श्रेयस अय्यर का शतक उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में भी ले आया है।
इस सूची में इससे पहले रोहित शर्मा ने 2018 में 111* और केएल राहुल ने 2016 में 110* रन की पारियां खेली थीं। अब अय्यर ने 2026 में 102* रन बनाकर इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
अय्यर की पारी की खासियत यह रही कि उन्होंने शुरुआत में परिस्थितियों को पढ़ा और फिर धीरे-धीरे अपने तेवर बदले। भारत के दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में थी, लेकिन कप्तान ने धैर्य नहीं खोया।
इसके बाद उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी का ऐसा सिलसिला शुरू किया कि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के पास जवाब कम पड़ने लगा।
फाफ डु प्लेसिस का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा
अय्यर के शतक का एक और पहलू उन्हें अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की तेजतर्रार सूची में ले जाता है। उन्होंने 42 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जिसके साथ वह फुल मेंबर टीमों के कप्तानों में सबसे तेज टी20 शतक लगाने वालों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए।
इस सूची में सिकंदर रजा 33 गेंद, रोहित शर्मा 35 गेंद, हैरी ब्रूक 42 गेंद, श्रेयस अय्यर 42 गेंद और फाफ डु प्लेसिस 46 गेंद के साथ दर्ज हैं।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अय्यर ने महज व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिए आक्रामक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि उनकी पारी का सीधा असर टीम के परिणाम पर पड़ा। उन्होंने रन गति को इस तरह बढ़ाया कि भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया।
रन चेज में शतक लगाने वाले चौथे भारतीय
श्रेयस अय्यर की उपलब्धियों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के लिए लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं।
इससे पहले सूर्यकुमार यादव ने इंग्लैंड के खिलाफ 117 रन, केएल राहुल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 110 रन* और इंग्लैंड के खिलाफ 101 रन, जबकि रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ 100 रन की पारियां खेली थीं। अब अय्यर के 102 रन* भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गए हैं।
35 रन पर दो विकेट से शतकीय जीत तक
अय्यर की पारी का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि भारतीय पारी की शुरुआत बिल्कुल सहज नहीं थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 35 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अय्यर ने मोर्चा संभाला और इशान किशन के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी।
दोनों के बीच 137 रन की नाबाद साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने न सिर्फ भारत को संकट से बाहर निकाला, बल्कि मुकाबले को एकतरफा बना दिया। अय्यर ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे और इशान किशन ने दूसरे छोर से उनका भरपूर साथ दिया।
शतक के साथ कप्तानी का भी शानदार आगाज
श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से बेहद महत्वपूर्ण था। कप्तान के रूप में शतक लगाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन जिस परिस्थिति में उन्होंने यह पारी खेली, उसने इसकी अहमियत और बढ़ा दी।
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171 रन बनाए थे। भारत को शुरुआती झटके लगने के बाद लक्ष्य चुनौतीपूर्ण लग सकता था, लेकिन अय्यर ने अपनी बल्लेबाजी से मुकाबले की दिशा ही बदल दी।
अब अय्यर के सामने चुनौती इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की होगी। पांच मैचों की सीरीज में भारत ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है और अगला मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची में खेला जाना है। लखनऊ की पारी ने जहां अय्यर के खाते में कई रिकॉर्ड जोड़े हैं, वहीं भारतीय टीम को सीरीज में मनोवैज्ञानिक बढ़त भी दिलाई है।
एक नजर में श्रेयस अय्यर के बड़े रिकॉर्ड
- 102 रन* बनाकर पहला T20I शतक
- 43 गेंदों में 102 रन
- 10 चौके और 6 छक्के
- कप्तान के रूप में T20I शतक लगाने वाले भारतीयों की सूची में शामिल
- वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में शामिल
- रन चेज में T20I शतक लगाने वाले चौथे भारतीय
- 42 गेंदों में शतक पूरा कर फुल मेंबर टीमों के कप्तानों की तेज शतकीय सूची में चौथा स्थान
- इशान किशन के साथ 137 रन की नाबाद साझेदारी
इस पारी ने साफ कर दिया कि श्रेयस अय्यर के लिए लखनऊ का मुकाबला महज एक जीत नहीं था। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत भी साबित हुआ।
