नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के दावे के मुताबिक, पार्टी के प्रमुख नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और कुछ अन्य सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को दोबारा हिरासत में लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब CJP जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए नई तारीख की मांग कर रही है।
सौरव दास और आशुतोष रांका को फिर हिरासत में लेने का दावा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य पार्टी सदस्यों को फिर से हिरासत में लिया है।
दास CJP के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हैं, जबकि रांका भी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारी हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि यह हिरासत जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई।
हालांकि, हिरासत की परिस्थितियों और पुलिस की ओर से इसके तत्काल कारण को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इससे पहले एयरपोर्ट पर भी हिरासत में लिए गए थे
यह पहली बार नहीं है जब CJP नेताओं को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस ने बाद में तीनों को preventive arrest के तहत रखा था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत preventive arrest की कार्रवाई की गई थी। तीनों को बाद में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और शांति एवं अच्छे आचरण के लिए एक साल की अवधि का बॉन्ड भरने के बाद रिहा किया गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर क्या है विवाद?
CJP ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद पार्टी नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रदर्शन के लिए नई तारीख देने की मांग की।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया है। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नए निर्धारित स्थलों के रूप में चिन्हित किया है।
CJP नेताओं ने मांगी प्रदर्शन की नई तारीख
12 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए नई तारीख देने का अनुरोध किया था। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं ने पुलिस से इस संबंध में जल्द फैसला लेने की मांग की।
इसके बाद 13 अक्टूबर को फिर हिरासत में लिए जाने के दावे ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
CJP की ओर से लगातार हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस पहले यह कह चुकी है कि प्रदर्शन से पहले की गई preventive arrest में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था।
ऐसे में मंगलवार की कथित नई हिरासत को लेकर पुलिस की आधिकारिक स्थिति और कार्रवाई के कारण सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
आगे क्या होगा?
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद CJP के लिए प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया अब नए नियमों के तहत होगी। पार्टी की ओर से नई तारीख की मांग और दिल्ली पुलिस की अनुमति के बीच आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
फिलहाल सौरव दास समेत अन्य नेताओं को दोबारा हिरासत में लिए जाने की खबर मुख्य रूप से CJP के दावे और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। दिल्ली पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
