Lucknow Dengue: राजधानी लखनऊ में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जनवरी से अब तक शहर में 500 से अधिक डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं। शनिवार को 17 नए संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मामले नगर निगम के जोन आठ में दर्ज किए गए हैं।
जोन आठ में सबसे ज्यादा 108 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नगर निगम के जोन आठ में अब तक 108 डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई है, जो शहर के अन्य जोन की तुलना में सबसे अधिक है। इस क्षेत्र के शारदानगर, राजा बिजली पासी, खरिका, विद्यावती और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी वार्ड में ज्यादा मामले सामने आए हैं।
जोन चार और तीन भी बने चिंता का कारण
जोन चार में 87 मरीज मिले हैं। चिनहट द्वितीय, शहीद भगत सिंह प्रथम, गोमतीनगर, खरगापुर-सरसवां और इस्माइलगंज जैसे इलाकों में डेंगू के मामले सामने आए हैं। वहीं जोन तीन में 60 मरीज मिले हैं, जिनमें अलीगंज, केशवनगर, त्रिवेणीनगर, खदरा और फैजुल्लागंज प्रमुख क्षेत्र हैं।
अन्य जोन में भी डेंगू के मामले
जोन छह में 59 और जोन सात में 56 मरीज सामने आए हैं। जोन एक में 28 तथा जोन दो में 30 मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में एंटी-लार्वा छिड़काव और निगरानी का काम कर रही हैं।
शनिवार को 17 नए संक्रमित मिले
शनिवार को लखनऊ में डेंगू के 17 नए मरीज मिले। इनमें अलीगंज में सबसे ज्यादा पांच मामले दर्ज हुए। आलमबाग के चंदरनगर में चार, जबकि इंदिरानगर और सिल्वर जुबली इलाके में तीन-तीन मरीज मिले। सरोजनीनगर और रेडक्रास क्षेत्र में भी एक-एक मामला सामने आया। सितंबर में करीब 194 मरीज मिलने की बात सामने आई है।
बारिश और जलभराव के बाद बढ़ा मच्छरों का खतरा
मानसून के बाद कई जगह जमा पानी, कूलर, गमलों और पुराने टायरों में ठहरा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति बना सकता है। फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्वास्थ्य अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है और टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डेंगू से बचने के लिए क्या करें?
- कूलर और गमलों का पानी हर तीन-चार दिन में बदलें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें और आसपास जलभराव न होने दें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छररोधी उपाय अपनाएं।
- तेज बुखार, शरीर में दर्द या अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
नाक या मसूड़ों से खून आना, तेज पेट दर्द या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। बुखार की स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचें।
