नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में Jio Platforms का IPO महज पूंजी जुटाने की कवायद बनकर नहीं रह गया है, बल्कि इसने सार्वजनिक निर्गम के कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए एक नया मानक स्थापित किया है। 30,213 करोड़ रुपये के इस इश्यू ने आकार, निवेशकों की भागीदारी, आवेदन संख्या और सब्सक्रिप्शन की रफ्तार समेत कई मोर्चों पर इतिहास रचा है।
तीन दिन की बोली प्रक्रिया के दौरान निवेशकों की जिस तरह की दिलचस्पी दिखाई दी, उसने इस इश्यू को देश के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में शामिल कर दिया है।
Jio Platforms का IPO 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहा। तीसरे दिन तक इश्यू को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने उपलब्ध करीब 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 438 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। संस्थागत निवेशकों की भागीदारी इसमें सबसे प्रभावशाली रही।
योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB श्रेणी में इश्यू को 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 14 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना सब्सक्राइब हुआ।
1. भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO
Jio Platforms ने सबसे पहले इश्यू के आकार के मामले में नया इतिहास बनाया है। 30,213 करोड़ रुपये का यह सार्वजनिक निर्गम भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड Hyundai Motor India के 27,870 करोड़ रुपये के IPO के नाम था।
Jio Platforms का यह निर्गम लगभग 3.2 अरब डॉलर के बराबर है। ऊपरी मूल्य बैंड पर कंपनी का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। इस तरह कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से पहले ही भारतीय कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी कंपनियों की कतार में पहुंच गई है।
2. पहली बार किसी IPO को मिले एक करोड़ से ज्यादा आवेदन
इस IPO की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक आवेदनों की संख्या है। Jio Platforms ऐसा पहला IPO बन गया है, जिसे वैश्विक स्तर पर एक करोड़ से अधिक व्यक्तिगत निवेशक आवेदन प्राप्त हुए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था, जिसे लगभग 97.3 लाख आवेदन मिले थे। Jio ने इस आंकड़े को पार करते हुए भारतीय पूंजी बाजार में खुदरा और व्यक्तिगत निवेशकों की असाधारण भागीदारी का संकेत दिया है।
3. मेगा IPO में सबसे तेज पूरी हुई सदस्यता
Jio IPO ने सब्सक्रिप्शन की गति के मामले में भी नया रिकॉर्ड कायम किया। इश्यू खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरा IPO सब्सक्राइब हो गया।
इतने बड़े आकार के सार्वजनिक निर्गम के लिए यह गति असाधारण मानी जा रही है। इससे पहले 15,000 करोड़ रुपये से अधिक आकार वाले बड़े IPO को पूरी तरह सब्सक्राइब होने में सामान्यतः दो से तीन दिन तक का समय लगता रहा है। Jio के मामले में निवेशकों की मांग ने शुरुआती घंटों में ही इश्यू को पूरी तरह भर दिया।
4. पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों पर आधारित
Jio Platforms के IPO की संरचना भी इसे दूसरे बड़े सार्वजनिक निर्गमों से अलग बनाती है। 30,213 करोड़ रुपये का पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों का है।
इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से Offer for Sale यानी OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान नहीं रखा गया। इसका अर्थ है कि IPO से जुटाई गई राशि कंपनी के पास जाएगी, न कि मौजूदा निवेशकों के हिस्से की बिक्री के जरिए बाहर जाएगी।
कंपनी ने इश्यू से प्राप्त राशि में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल कर्ज के पुनर्भुगतान या पूर्व भुगतान के लिए करने की योजना बनाई है। शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रखी जाएगी।
5. एंकर निवेशकों की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर
सार्वजनिक सदस्यता शुरू होने से पहले ही Jio Platforms ने संस्थागत निवेशकों के बीच जबरदस्त मांग दर्ज की थी। करीब 8,110 करोड़ रुपये के एंकर शेयरों के लिए लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग प्राप्त हुई।
यह मांग उपलब्ध एंकर शेयरों के मूल्य की तुलना में 30 गुने से भी अधिक थी। इसमें वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधकों, संप्रभु संपदा कोषों, घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी रही।
6. IPO की बोली के लिए एक्सचेंजों ने बढ़ाया समय
असाधारण निवेशक रुचि को देखते हुए BSE और NSE ने Jio IPO के लिए दैनिक बोली अवधि बढ़ाई। सामान्य तौर पर IPO में बोली लगाने का समय सीमित होता है, लेकिन भारी आवेदन और बढ़ते लेनदेन को देखते हुए एक्सचेंजों ने इस इश्यू के लिए सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक बोली की सुविधा दी।
यह भी Jio IPO की उन विशेष उपलब्धियों में शामिल हो गया, जिसने इसे सामान्य सार्वजनिक निर्गमों से अलग पहचान दी।
7. लिस्टिंग के समय रिकॉर्ड बाजार मूल्यांकन का अनुमान
Jio Platforms की IPO मूल्य सीमा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी। ऊपरी मूल्य बैंड पर कंपनी का अनुमानित बाजार पूंजीकरण लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये, यानी करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।
इस मूल्यांकन के आधार पर Jio Platforms के शेयर बाजार में पदार्पण के समय किसी नई सूचीबद्ध कंपनी के लिए सबसे ऊंचे शुरुआती बाजार मूल्यांकन का रिकॉर्ड बनने की संभावना है।
निवेशकों की दिलचस्पी ने बदला IPO का परिदृश्य
Jio IPO के आंकड़े सिर्फ एक कंपनी की लोकप्रियता को नहीं दर्शाते, बल्कि भारतीय पूंजी बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी की तस्वीर भी पेश करते हैं। खास तौर पर एक करोड़ से अधिक आवेदन, 100 मिनट में पूर्ण सदस्यता और लाखों करोड़ रुपये की बोली इस बात का संकेत है कि बड़े और स्थापित कारोबारी समूहों से जुड़े IPO को लेकर बाजार में व्यापक रुचि बनी हुई है।
हालांकि, IPO के सफल होने का अंतिम आकलन केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों से नहीं किया जा सकता। बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद शेयर का प्रदर्शन, कंपनी की आय और लाभ में वृद्धि, कर्ज की स्थिति तथा भविष्य की कारोबारी रणनीति यह तय करेगी कि निवेशकों की मौजूदा उम्मीदें कितनी दूर तक पूरी होती हैं।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि Jio Platforms IPO ने भारतीय IPO बाजार के लिए एक नया बेंचमार्क जरूर स्थापित कर दिया है। आकार से लेकर आवेदन संख्या और सब्सक्रिप्शन की रफ्तार तक, इस इश्यू ने कई ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिन्हें पार करना आने वाले सार्वजनिक निर्गमों के लिए आसान नहीं होगा।
