नेपाल फ्लैश फ्लड 2026 ने बुधवार को हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा के पास अचानक बढ़े पानी ने नेपाल के कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस आपदा में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड से मिली शुरुआती सूची के अनुसार करीब 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी
हादसा नेपाल के रासुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास सामने आया। बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते तेज पानी आसपास के इलाकों में फैल गया। कई जगहों पर पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। नेपाल के नुवाकोट और धादिंग जिलों में भी बाढ़ से जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो में बाढ़ का पानी पहाड़ी इलाकों से तेजी से नीचे आते हुए दिखाई दे रहा है। कई जगह सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत दलों के पहुंचने में भी मुश्किल आ रही है।
105 भारतीयों समेत सैकड़ों यात्री लापता
इस प्राकृतिक आपदा में सबसे बड़ी चिंता बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने को लेकर है। नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती जानकारी के मुताबिक 384 यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीयों के अलावा दूसरे देशों के लोग भी शामिल हैं।
भारत से नेपाल पहुंचे कई यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आगे बढ़ रहे थे। बाढ़ के कारण इस मार्ग पर भी असर पड़ा है और कई यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ संपर्क में है।
कई इलाकों में सड़क और पुल बहे
तेज पानी ने रासुवा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढांचे को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कें टूटने और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित हो गया है। बिजली से जुड़ी कई परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है। रिपोर्टों के मुताबिक बाढ़ से नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ा है।
हालात को देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ स्थानों पर पानी और मलबे के कारण स्थिति आगे भी बिगड़ सकती है।
नेपाल सेना और सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
बाढ़ के बाद नेपाल सेना, पुलिस और आपदा राहत टीमों को बचाव अभियान में लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। नेपाल सेना ने राहत और बचाव के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किए हैं, लेकिन खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं।
बचाव दल लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पहाड़ी भूगोल और तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन आसान नहीं है।
तिब्बत की तरफ भी मची तबाही
बाढ़ का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं रहा। सीमा के दूसरी तरफ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति की खबरें सामने आई हैं। तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में एक सीमा क्रॉसिंग के पास मलबा आने से कई लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
फिलहाल बाढ़ की सटीक वजह को लेकर अलग-अलग संभावनाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने हिमालयी क्षेत्र में बर्फ, चट्टान और पानी के अचानक खिसकने जैसी घटनाओं की संभावना पर भी ध्यान दिया है। कुछ रिपोर्टों में इसे संभावित आइस-रॉक एवेलांच से जोड़कर देखा गया है, हालांकि अंतिम कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
भारतीय नागरिकों के परिवारों की बढ़ी चिंता
105 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद भारत में उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार और संबंधित अधिकारी नेपाली प्रशासन के संपर्क में हैं। प्रभावित लोगों की पहचान और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने का काम जारी है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित निकालना है। जैसे-जैसे राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों और लापता लोगों की संख्या को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
