चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख थलपति विजय को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एन. नागेंद्रन की कथित टिप्पणी अब विवाद का रूप ले चुकी है। नागेंद्रन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से टिप्पणी से जुड़े ऑडियो और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
यह विवाद 15 अगस्त को चेन्नई स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय कमलालयम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नागेंद्रन की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। नागेंद्रन ने विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय की ओर से पिता को लेकर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए उनके परिवार पर तंज कसा था। उनके बयान को विजय की मां पर व्यक्तिगत टिप्पणी के तौर पर देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक विरोध शुरू हो गया।
नागेंद्रन ने क्या कहा था?
रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेता नागेंद्रन ने कहा था कि जिन लोगों को अपने पिता के बारे में जानना है, उन्हें विधानसभा में जवाब तलाशने के बजाय घर जाकर अपनी मां से पूछना चाहिए। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी आलोचना शुरू हो गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह टिप्पणी मुख्यमंत्री विजय और उनकी मां को अपमानित करने वाली है। शिकायत में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और अन्य रिकॉर्डिंग को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग की गई है। साथ ही मानहानि सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
विजय की पुरानी टिप्पणी से जुड़ा है विवाद
नागेंद्रन की टिप्पणी को मुख्यमंत्री विजय के विधानसभा में दिए गए एक पुराने बयान की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। अप्रैल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद विजय ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को लेकर राजनीतिक तंज किया था।
विजय ने विधानसभा में एक छोटी कहानी यानी ‘कुट्टी कथई’ के जरिए राजनीतिक टिप्पणी की थी। उस बयान को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे। अब उसी राजनीतिक बयानबाजी के जवाब में नागेंद्रन की टिप्पणी सामने आने के बाद विवाद और तेज हो गया है।
BJP के अंदर से भी उठी आपत्ति
नागेंद्रन की टिप्पणी की आलोचना केवल विपक्षी दलों तक सीमित नहीं रही। तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने भी बयान को अनुचित और असभ्य बताया है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी नागेंद्रन की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। अन्नामलाई का कहना है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और राजनीतिक विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी नेता के परिवार को व्यक्तिगत निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने ऐसी भाषा को राजनीति के लिए सही नहीं माना।
नागेंद्रन ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद नागेंद्रन ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, बयान सामने आने के बाद राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से आलोचना जारी रही।
फिलहाल नागेंद्रन के खिलाफ दी गई शिकायत पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है। शिकायतकर्ता ने रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने और टिप्पणी की जांच करने की मांग की है। मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत पर किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाती है।
नोट: यह खबर दर्ज शिकायत, संबंधित नेताओं के बयानों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच या न्यायिक निर्णय से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
