दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हॉस्टल की बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। मौके पर दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस और एनडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं।
बेसमेंट में चल रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में निर्माण का काम चल रहा था। स्थानीय अधिकारियों और रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि बेसमेंट का काम होने से इमारत की नींव प्रभावित हुई हो सकती है। हालांकि, बिल्डिंग गिरने की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमारत करीब 80 गज में बनी थी और हर मंजिल पर पांच कमरे थे। इसमें छात्रों के लिए हॉस्टल संचालित था।
हॉस्टल में रहते थे छात्र
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, ढही इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था और यहां बॉयज पीजी चल रहा था। रविवार होने की वजह से कई छात्र बाहर थे, हालांकि मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी मलबा हटाने में मदद की। दमकलकर्मियों ने कुछ लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलने के बाद फायर सर्विस की कई गाड़ियां और अलग-अलग राहत दल मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू अभियान में शामिल है। मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हादसे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें बचाव अभियान में लगी हैं। एहतियात के तौर पर आसपास की एक इमारत को भी खाली कराया गया है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे की वजह और इमारत की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।