दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। इमारत में छात्रों के लिए PG चल रहा था। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और दूसरी एजेंसियां राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं।
40-50 साल पुरानी थी इमारत, बेसमेंट में चल रहा था काम
पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। पुलिस ने बताया कि हादसे की सही वजह और बेसमेंट में चल रहे काम की भूमिका की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
#WATCH | Satya Niketan building collapse: Delhi CM Rekha Gupta says, "11 people have been rescued. I am going to the hospital. We need to understand the condition of all those who have been rescued. I can say this much: whoever is responsible for this, whether it is the building… pic.twitter.com/zjP9gOyfAb
— ANI (@ANI) September 6, 2026 मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। हादसे वाली इमारत को ‘Hostel Daze’ के नाम से बताया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिल्डिंग में कई छात्र रह रहे थे।
रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाने के लिए JCB, गैस कटर और दूसरे तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया। मलबे के नीचे फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए सिलेंडर भी मौके पर लाए गए। संकरी गलियों के कारण राहत-बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी परेशानी हुई।
NDRF और दमकल की टीमें मौके पर
हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। NDRF, DDMA, दिल्ली पुलिस, MCD, Civil Defence और CATS की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हैं। NDRF के करीब 70 जवानों के साथ डॉग स्क्वॉड और तकनीकी उपकरणों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने आसपास की एक इमारत को भी एहतियातन खाली कराया है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
