दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत में छात्रों के लिए PG चल रहा था, इसलिए मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। हादसे के बाद पुलिस, दमकल और NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
एक की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका
हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन में शिव मंदिर के नजदीक हुआ। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। रेस्क्यू टीमों ने अब तक कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोगों को निकालकर AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि, अंदर कितने लोग मौजूद थे, इसकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हुई है। मौके पर लगातार मलबा हटाने का काम चल रहा है।
अमित शाह ने जताया दुख, CM और पुलिस कमिश्नर से ली जानकारी
सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की जानकारी मिलते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पुलिस कमिश्नर से बात कर हादसे और राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली। हादसे के बीच उन्होंने अपना गोवा दौरा भी रद्द कर दिया।
अमित शाह ने X पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया और मलबे में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की कामना की। उन्होंने राहत-बचाव अभियान में जुटी टीमों की स्थिति की भी जानकारी ली।
अमित शाह का X पोस्ट
नीचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हादसे से जुड़ा X पोस्ट एम्बेड किया जा सकता है:
हादसे के बाद NDRF, दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, MCD और अन्य एजेंसियां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। मलबे में अभी कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक संख्या स्पष्ट नहीं हुई है।
हादसे के वक्त क्या हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत अचानक तेज आवाज के साथ गिर गई और कुछ ही पलों में पूरा ढांचा मलबे में बदल गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्हें आवाज भूकंप जैसी महसूस हुई। स्थानीय लोगों ने भी राहत-बचाव में मदद की और मलबा हटाने की कोशिश की।
फायर विभाग को दोपहर करीब 1:33 बजे हादसे की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। NDRF और दूसरी आपातकालीन टीमें भी रेस्क्यू में लगी हैं।
मलबे के नीचे से आ रहे फोन
हादसे के बाद कुछ लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की जानकारी सामने आई है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों की ओर से फोन कॉल आने की भी बात सामने आई है। हालांकि, मलबे के अंदर कितने लोग हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बेसमेंट में चल रहा था काम
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में इमारत की उम्र और उसकी संरचनात्मक स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, बिल्डिंग गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा है कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD और अन्य एजेंसियां राहत-बचाव कार्य में लगी हैं। एहतियात के तौर पर आसपास की एक इमारत को भी खाली कराया गया है।
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे की पूरी वजह और इमारत से जुड़े सुरक्षा मानकों की तस्वीर रेस्क्यू के बाद होने वाली जांच में साफ होगी।
