बहुजन समाज पार्टी (BSP) में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को संगठन की नई सूची में कोई जिम्मेदारी नहीं दी है। वहीं उनके छोटे भाई ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। उन्हें करीब 15 राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आकाश आनंद ने बदला सोशल मीडिया बायो
संगठन में बदलाव के बीच आकाश आनंद ने भी सोशल मीडिया पर अपना बायो बदल दिया है। कुछ दिन पहले उन्होंने ‘नेशनल कन्वीनर’ का पद हटाकर खुद को ‘BSP कार्यकर्ता’ बताया था। अब उन्होंने इसमें भी बदलाव करते हुए खुद को सिर्फ ‘BSP समर्थक’ लिखा है।
आकाश के इस बदलाव के बाद उनके एक बार फिर BSP से बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, आकाश आनंद ने पार्टी छोड़ने या BSP से निकाले जाने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल उनके पार्टी से पूरी तरह अलग होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
ईशान आनंद को मिली अहम जिम्मेदारी
मायावती ने आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया है। ईशान को करीब 15 राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करनी होगी। वह इन राज्यों में पार्टी की गतिविधियों और संगठन की स्थिति का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अपने पिता आनंद कुमार को देंगे।
ईशान आनंद को पार्टी की एक अहम बैठक में भी प्रमुखता से देखा गया था। उनके बढ़ते संगठनात्मक रोल को आकाश आनंद की मौजूदा स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि BSP ने इसे आकाश के विकल्प के तौर पर पेश नहीं किया है।
मायावती ने आकाश से क्यों छीनी जिम्मेदारी?
इससे पहले मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारियों से हटाते हुए उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाए थे। BSP प्रमुख का कहना था कि फिलहाल आकाश को बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा और उन्हें अभी और परिपक्व होने की जरूरत है।
आकाश आनंद को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। हालांकि चुनाव के दौरान उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटा दिया गया और उत्तराधिकारी का दर्जा भी वापस ले लिया गया। बाद में उन्हें फिर पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं।
पहले भी कई बार बदली आकाश की भूमिका
आकाश आनंद की BSP में भूमिका पिछले कुछ वर्षों में कई बार बदली है। उन्हें पहले पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिली, फिर पद छीने गए और बाद में दोबारा संगठन में वापस लाया गया।
मार्च 2025 में मायावती ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाकर BSP से बाहर कर दिया था। इसके बाद आकाश ने मायावती से माफी मांगी और अप्रैल 2025 में पार्टी में उनकी वापसी हुई। मई 2025 में उन्हें फिर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया था।
अब एक बार फिर संगठनात्मक जिम्मेदारियों से उनका नाम गायब है और सोशल मीडिया बायो में ‘BSP समर्थक’ लिखे जाने से उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
यूपी चुनाव से पहले BSP के लिए अहम बदलाव
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में BSP में आकाश आनंद की भूमिका कम होना और ईशान आनंद को संगठन की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की आगे की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईशान आनंद को दी गई जिम्मेदारी स्थायी रूप से बढ़ेगी या यह संगठन की सामान्य समीक्षा तक सीमित रहेगी। वहीं आकाश आनंद के भविष्य को लेकर भी BSP की ओर से कोई नया औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
