पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे और करीब 20-25 पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में कथित हंगामे और प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने के मामले में FIR दर्ज की गई है।
मामला पुणे के गणेशखिंड स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमित ठाकरे कॉलेज में छात्रों की समस्याओं और सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रिंसिपल के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी होने पर उन्होंने आपत्ति जताई। इसके बाद MNS कार्यकर्ताओं द्वारा तस्वीर हटाए जाने का आरोप है।
प्रिंसिपल ऑफिस में तस्वीर हटाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, कॉलेज अधिकारी डॉ. राजेंद्र पाटिल की शिकायत पर चतुःश्रृंगी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमित ठाकरे के साथ करीब 20 से 25 लोग कॉलेज परिसर में पहुंचे और बिना अनुमति कार्यालय में प्रवेश किया।
आरोप है कि इस दौरान PM मोदी की तस्वीर हटाई गई, कॉलेज कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर धमकी और नारेबाजी की गई तथा परिसर में हंगामा हुआ। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
तस्वीर के साथ शिवाजी महाराज और आंबेडकर की फोटो भी थी
रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यालय की दीवार पर छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगी थी। अमित ठाकरे ने PM मोदी की तस्वीर को शिवाजी महाराज की तस्वीर के बगल में लगाए जाने पर आपत्ति जताई।
अमित ठाकरे का कहना है कि छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। FIR दर्ज होने के बाद भी उन्होंने अपने रुख का बचाव किया और कहा कि वह ऐसे मामलों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार इनमें आपराधिक अतिक्रमण, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
BJP ने कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद BJP की ओर से अमित ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। BJP नेताओं ने प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाए जाने की घटना की आलोचना की और इसे राजनीतिक रूप से अनुचित बताया। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
अमित ठाकरे ने क्या कहा?
FIR दर्ज होने के बाद अमित ठाकरे ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि उन्हें शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सम्मान से जुड़े मामलों में आवाज उठाने पर किसी कार्रवाई का डर नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध प्रधानमंत्री की तस्वीर होने को लेकर नहीं, बल्कि उसे छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के बगल में लगाए जाने को लेकर था।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में कॉलेज परिसर में हुए पूरे घटनाक्रम, तस्वीर हटाने की परिस्थितियों और वहां मौजूद लोगों की भूमिका को देखा जाएगा।
इस विवाद ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों में तस्वीर लगाने के प्रोटोकॉल, राजनीतिक प्रतीकों और महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर बहस तेज कर दी है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर होगी।
