मुंबई: स्टॉक एक्सचेंजों के अपने ही शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति दिए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल SEBI के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिसके तहत NSE या BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंजों को अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों में कारोबार की अनुमति दी जाए।
पांडे ने यह बात 30 सितंबर 2026 को मुंबई में Association of Portfolio Managers in India (APMI) के वार्षिक सम्मेलन से इतर मीडिया से बातचीत के दौरान कही। यह स्पष्टीकरण उन रिपोर्टों के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि SEBI एक्सचेंजों की self-listing या self-trading से जुड़े नियमों की समीक्षा के लिए समिति गठित करने पर विचार कर रहा है।
SEBI चेयरमैन ने क्या कहा?
SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस तरह का कोई प्रस्ताव आता है, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आ जाएगी।
इस बयान के बाद NSE और BSE के अपने प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों में ट्रेडिंग की संभावना को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
NSE के अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर ट्रेडिंग का मुद्दा क्यों चर्चा में आया?
यह मुद्दा हाल में उस समय चर्चा में आया जब National Stock Exchange (NSE) ने BSE पर एक सूचीबद्ध कंपनी के तौर पर ट्रेडिंग शुरू की। इसके बाद NSE के अपने प्लेटफॉर्म पर उसके शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग की संभावनाओं को लेकर सवाल उठे।
NSE के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेटी ने 25 सितंबर को कहा था कि बाजार के विकास के साथ SEBI को एक्सचेंजों को अपने प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की अनुमति देने के मुद्दे पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि कई बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सचेंजों की self-listing की व्यवस्था मौजूद है।
हालांकि, मौजूदा भारतीय व्यवस्था में स्टॉक एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति नहीं है। SEBI चेयरमैन के ताजा बयान से भी यही स्थिति स्पष्ट होती है।
क्या NSE और BSE के शेयर अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड होंगे?
फिलहाल इसका जवाब नहीं है। SEBI चेयरमैन ने कहा है कि इस संबंध में नियामक के पास अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।
इसका मतलब यह है कि यदि कोई स्टॉक एक्सचेंज सूचीबद्ध होता है, तो उसके शेयरों की ट्रेडिंग मौजूदा नियमों के तहत किसी अन्य अनुमत प्लेटफॉर्म पर हो सकती है, लेकिन उसी एक्सचेंज के अपने प्लेटफॉर्म पर उसके शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति फिलहाल नहीं है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
स्टॉक एक्सचेंज खुद बाजार के महत्वपूर्ण बुनियादी संस्थान हैं। ऐसे में यदि कोई एक्सचेंज अपने ही शेयरों की ट्रेडिंग और लिस्टिंग की अनुमति हासिल करता है, तो नियामकीय निगरानी, हितों के टकराव और बाजार की निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठ सकते हैं।
इसी वजह से एक्सचेंजों की self-listing को लेकर नियमों पर चर्चा बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। फिलहाल SEBI की ओर से ऐसा कोई नया प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने की बात कही गई है।
NSE-BSE के अलावा किन मुद्दों पर बोले SEBI चेयरमैन?
APMI सम्मेलन के दौरान तुहिन कांत पांडे ने केवल एक्सचेंजों के शेयरों से जुड़े सवालों पर ही बात नहीं की। उन्होंने बॉन्ड इंडेक्स और बॉन्ड डेरिवेटिव्स के विकास को लेकर भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर SEBI और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मिलकर काम कर रहे हैं। ड्राफ्ट दिशानिर्देश तैयार किए जा चुके हैं और हितधारकों से सुझाव भी मांगे गए हैं। हालांकि, इसके अंतिम रूप से लागू होने की कोई निश्चित समयसीमा उन्होंने नहीं बताई।
विदेशी निवेशकों के लिए आसान होगी प्रक्रिया
SEBI चेयरमैन ने Foreign Portfolio Investors (FPIs) के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि NSDL पोर्टल को नया स्वरूप दिया गया है और India Market Access Portal शुरू किया गया है। इसके अलावा एक साझा आवेदन प्रणाली भी विकसित की गई है, जिससे विदेशी निवेशक अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे।
SEBI डिजिटल ऑनबोर्डिंग को भी बढ़ावा दे रहा है। इसमें डिजिटल सिग्नेचर के इस्तेमाल और KYC प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे कदम शामिल हैं।
लिस्टेड कंपनियों के अनुपालन पर भी जोर
SEBI चेयरमैन ने सूचीबद्ध कंपनियों की ओर से नियमों के अनुपालन को लेकर भी स्टॉक एक्सचेंजों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक्सचेंजों को सूचीबद्ध संस्थाओं द्वारा किए जा रहे नियमों के पालन और खुलासों की लगातार निगरानी करनी चाहिए।
इसका उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना और निवेशकों का भरोसा मजबूत करना है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
SEBI के ताजा स्पष्टीकरण के मुताबिक, NSE या BSE को अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति देने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। भविष्य में नियामकीय ढांचे में कोई बदलाव होता है तो SEBI की ओर से इसकी जानकारी दी जाएगी
