उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। कांग्रेस ने रामपुर खास से विधायक Aradhana Mishra ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
वह अजय राय की जगह लेंगी, जो अगस्त 2023 से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से किए गए ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी ने इसके साथ प्रदेश संगठन में अन्य बदलाव भी किए हैं। देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है।
कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
आराधना मिश्रा ‘मोना’ रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने 2014 के उपचुनाव में पहली बार इस सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने रामपुर खास से जीत हासिल की।
आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब यह जिम्मेदारी चौधरी वीरेंद्र सिंह को दी गई है।
आराधना मिश्रा की नई नियुक्ति के साथ पार्टी के प्रदेश संगठन में उनकी भूमिका पहले की तुलना में काफी बड़ी हो गई है। अब उनके सामने प्रदेश कांग्रेस संगठन को प्रदेश स्तर पर नेतृत्व देने की जिम्मेदारी होगी।
इमरान मसूद को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस ने सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश संगठन में अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति भी शुक्रवार को किए गए बदलावों का हिस्सा है।
इसके अलावा देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय के योगदान की भी सराहना की है।
अजय राय की जगह अब आराधना मिश्रा
अजय राय ने अगस्त 2023 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था। अब करीब तीन साल बाद पार्टी ने प्रदेश संगठन का नेतृत्व बदल दिया है। आराधना मिश्रा को नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद UP Congress की कमान अब उनके हाथों में होगी।
पार्टी का यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का दौर चल रहा है। कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष और अन्य संगठनात्मक पदों पर भी नियुक्तियां की हैं।
कांग्रेस विधायक दल की कमान अब चौधरी वीरेंद्र सिंह के पास
आराधना मिश्रा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी चौधरी वीरेंद्र सिंह को दी गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस नियुक्ति को भी तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है।
इस तरह शुक्रवार को हुए बदलाव में प्रदेश कांग्रेस के तीन प्रमुख स्तरों पर नई जिम्मेदारियां तय की गईं—आराधना मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष, इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष और चौधरी वीरेंद्र सिंह कांग्रेस विधायक दल के नेता।
आगे क्या होगी आराधना मिश्रा की भूमिका?
प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर आराधना मिश्रा के सामने अब संगठन से जुड़े फैसलों, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और प्रदेश स्तर पर कांग्रेस की गतिविधियों को नेतृत्व देने की जिम्मेदारी होगी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह बदलाव कांग्रेस के लिए संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
हालांकि, नई प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के राजनीतिक प्रभाव या चुनावी परिणाम को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिलहाल आधिकारिक रूप से इतना स्पष्ट है कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन किया है और नई टीम को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
निष्कर्ष
आराधना मिश्रा ‘मोना’ अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनके साथ इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष, देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है। यह बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा है।
