देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बीच उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम गतिविधियां बढ़ी हैं। दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 13 से 15 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 14 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली-NCR में आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 13 अक्टूबर के अपडेट के अनुसार दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 13 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
14 और 15 अक्टूबर को दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे मौसम में खुले इलाकों में सावधानी बरतने और मौसम संबंधी स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी से बढ़ी मौसम की गतिविधि
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। IMD ने 14 अक्टूबर के लिए इन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 15 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। उत्तराखंड के लिए 15 अक्टूबर को आंधी-गरज की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश में क्या है मौसम का अपडेट?
उत्तर प्रदेश को लेकर एक जरूरी अंतर सामने आया है। IMD के 13 अक्टूबर के आधिकारिक उपखंड-वार चेतावनी बुलेटिन में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 13 से 19 अक्टूबर तक कोई warning नहीं दी गई है।
इसलिए यूपी में बारिश की संभावना से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते समय क्षेत्रवार पूर्वानुमान और स्थानीय मौसम अपडेट को ध्यान में रखना जरूरी है। अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।
राजस्थान में भी आंधी-गरज की संभावना
IMD के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर अलग-अलग इलाकों में देखने को मिल सकता है।
14-15 अक्टूबर को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को ओलावृष्टि के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। इससे खुले में खड़ी फसलों, वाहनों और स्थानीय यातायात पर असर पड़ सकता है।
मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और असुरक्षित स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
मौसम बदलने की वजह क्या है?
उत्तर भारत में मौसम में बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी गतिविधियां अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी तथा मैदानी इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि देखने को मिल रही है।
हालांकि किसी खास शहर या जिले में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय IMD forecast को प्राथमिकता देना जरूरी है।
दिल्ली और यूपी के लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को:
- बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने चाहिए।
- आंधी के दौरान खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहना चाहिए।
- बिजली गिरने के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
- ओलावृष्टि की स्थिति में वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करना चाहिए।
- किसानों को अपने जिले के कृषि-मौसम और IMD advisories पर ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ी हैं, जबकि दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 13 से 15 अक्टूबर के बीच आंधी-गरज और ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं, IMD के 13 अक्टूबर के आधिकारिक बुलेटिन में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
नोट: मौसम पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। किसी यात्रा, खेती या अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि के लिए अपने जिले का नवीनतम IMD अपडेट जरूर देखें।
