लखनऊ। UP Weather: अक्टूबर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मंगलवार को प्रदेश के तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को चौंका दिया। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम और भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम के इस बदलाव का असर अब बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिक दिखाई देने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी तराई के कुछ जिलों में ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
कई जिलों में झमाझम बारिश, तापमान में आई गिरावट
मंगलवार को मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। अंबेडकरनगर में सबसे अधिक 85 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा जौनपुर में 84 मिमी, लखीमपुर खीरी में 62 मिमी, बहराइच में 59 मिमी और गोंडा में 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने भी जनजीवन को प्रभावित किया। वाराणसी में हवा की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। वहीं मिर्जापुर में 52 किलोमीटर प्रति घंटा और गोरखपुर में 42 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम में ठंडक महसूस हुई।
64 जिलों में गरज-चमक का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के 64 जिलों में गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। मौसम के मौजूदा मिजाज को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
विशेष रूप से पश्चिमी तराई के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका है। ऐसे में किसानों को खेतों में खड़ी फसलों और तैयार उपज को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पश्चिमी यूपी में बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मौसमी गतिविधियां अधिक प्रभावी रह सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर कई इलाकों में देखने को मिल सकता है।
इससे पहले सोमवार और मंगलवार को भी पूर्वांचल तथा तराई क्षेत्र में मौसम का असर देखने को मिला था। अब मौसमी परिस्थितियों का प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ ने बदली मौसम की चाल
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके साथ ही सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ, वातावरण में नमी और दिन के समय होने वाली हीटिंग के संयोग से मौसम में यह बदलाव आया है।
इन मौसमी परिस्थितियों के चलते बादल सक्रिय हुए और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू हुआ।
पूरे सप्ताह बना रह सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का असर केवल एक-दो दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। पूरे सप्ताह मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मौसमी बदलाव का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है। कई जिलों में तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम के अचानक बदलते तेवरों को देखते हुए किसानों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। तेज हवा और बारिश के दौरान खेतों में खुले स्थान पर काम करने से बचना, तैयार फसल को सुरक्षित रखना और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखना उपयोगी होगा।
वहीं, आम लोगों को भी आंधी, बिजली की गरज और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों तथा खुले स्थानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। मौसम का यह बदलाव भले ही गर्मी और उमस से राहत दे रहा हो, लेकिन तेज हवा, वज्रपात और ओलावृष्टि की स्थिति में सतर्कता जरूरी है।
कुल मिलाकर, यूपी में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम ने फिर अपना रुख बदला है। मंगलवार को पूर्वांचल और तराई में बारिश के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मौसम की नजर है।
अगले कुछ दिनों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जारी रहने की संभावना है।
