AI Voice Scam: साइबर अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी करीबी की आवाज की नकल कर लोगों को डराकर पैसे मांग रहे हैं। ऐसे कॉल में परिवार के सदस्य के एक्सीडेंट, अस्पताल या किसी कानूनी परेशानी में फंसने की कहानी सुनाकर तुरंत भुगतान का दबाव बनाया जा सकता है।
कैसे काम करता है AI Voice Scam?
ठग किसी व्यक्ति की उपलब्ध ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग से उसकी आवाज जैसी आवाज तैयार कर सकते हैं। इसके बाद क्लोन की गई आवाज से फोन या ऑडियो संदेश भेजकर खुद को रिश्तेदार, दोस्त या परिचित बताया जाता है। कॉल का सबसे अहम हथियार घबराहट और जल्दबाजी पैदा करना होता है, ताकि सामने वाला बिना जांच किए पैसे भेज दे।
AI Voice Scam की पहचान कैसे करें?
- कॉल किसी अनजान नंबर से आए और सामने वाला खुद को परिचित बताकर तुरंत मदद मांगे।
- फोन करने वाला एक्सीडेंट, अस्पताल, पुलिस केस या दूसरी इमरजेंसी का बहाना बनाए।
- तुरंत पैसे भेजने या किसी खास UPI/बैंक खाते में भुगतान करने का दबाव डाला जाए।
- कॉलर कहे कि उसका फोन खो गया है, बंद है या वह किसी और के नंबर से बात कर रहा है।
AI Voice Scam से बचने के आसान तरीके
सिर्फ आवाज पहचानकर किसी कॉल पर भरोसा न करें। कॉल काटकर उस व्यक्ति के अपने पुराने और सेव नंबर पर खुद फोन करके पुष्टि करें। जरूरत हो तो परिवार के दूसरे सदस्य से भी जानकारी सत्यापित करें। किसी भी अनजान कॉलर को OTP, UPI PIN, पासवर्ड, कार्ड डिटेल या बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारी न दें।
परिवार में एक निजी कोड वर्ड या ऐसा सवाल भी तय किया जा सकता है जिसका जवाब केवल करीबी व्यक्ति जानता हो। इससे अचानक आई इमरजेंसी कॉल की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।
ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अगर गलती से पैसे ट्रांसफर हो गए हैं तो तुरंत बैंक या भुगतान सेवा के फ्रॉड हेल्पलाइन से संपर्क करें। भारत में साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। संदिग्ध नंबर, कॉल रिकॉर्ड, संदेश और भुगतान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखें।
AI Voice Scam में आवाज असली जैसी लग सकती है, लेकिन आवाज पहचान लेना व्यक्ति की पहचान का पक्का प्रमाण नहीं है। पैसे या संवेदनशील जानकारी से जुड़ी किसी भी अचानक मांग को स्वतंत्र तरीके से सत्यापित करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
