Delhi University: फिल्म, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक नया रास्ता खोला है। विश्वविद्यालय के Campus of Open Learning (COL) के तहत AI Film Making का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है।
इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फिल्म निर्माण और विजुअल कंटेंट तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी देना है।
यह पाठ्यक्रम ऐसे दौर में सामने आया है, जब AI फिल्म निर्माण, विज्ञापन, वीडियो एडिटिंग और डिजिटल मीडिया के तौर-तरीकों को तेजी से बदल रहा है। ऐसे में पारंपरिक फिल्म निर्माण की समझ के साथ AI आधारित टूल्स का ज्ञान युवाओं के लिए उपयोगी कौशल साबित हो सकता है।
AI Film Making Course में क्या सिखाया जाएगा?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस पाठ्यक्रम को केवल किताबी जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें विद्यार्थियों को AI की मदद से फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराने पर जोर दिया गया है।
पाठ्यक्रम में फिल्म के विचार को विकसित करने से लेकर कहानी तैयार करने, स्टोरीबोर्ड बनाने और विजुअल दुनिया तैयार करने तक के पहलुओं को शामिल किया गया है।
इसके अलावा Prompt Writing, Text-to-Image Generation, AI आधारित Visual Assets, Video Editing, Audio Production और Background Scoring जैसे कौशल भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
यानी विद्यार्थी केवल AI के बारे में जानकारी हासिल नहीं करेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि AI उपकरणों को रचनात्मक काम में किस तरह इस्तेमाल किया जाए।
तीन महीने का है सर्टिफिकेट कोर्स
दिल्ली यूनिवर्सिटी के मौजूदा आधिकारिक कोर्स विवरण के अनुसार AI Film Making Certificate Course की अवधि तीन महीने है। यह पाठ्यक्रम ऑफलाइन मोड में संचालित किया जा रहा है और इसमें 30 सीटें उपलब्ध हैं।
कोर्स की फीस 15,000 रुपये निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय के कोर्स पोर्टल पर इसे जॉब-रेडी स्किल कोर्स के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
AI Film Making Course की मुख्य जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कोर्स का नाम | Certificate Course in AI Film Making |
| संस्थान | Delhi University, Campus of Open Learning |
| माध्यम | ऑफलाइन |
| अवधि | 3 महीने |
| कुल सीटें | 30 |
| फीस | ₹15,000 |
| क्षेत्र | AI, Film Making, Digital Content |
| प्रवेश | सीट उपलब्धता के आधार पर |
कौन कर सकता है यह कोर्स?
इस पाठ्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें प्रवेश के लिए बहुत ऊंची शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं रखी गई है। मौजूदा आधिकारिक जानकारी के अनुसार मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। साथ ही उम्मीदवार के पास बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान होना चाहिए।
सोशल मीडिया कंटेंट बनाने, फोटो या वीडियो एडिटिंग की बुनियादी समझ अथवा मोबाइल/कंप्यूटर से वीडियो तैयार करने का अनुभव हो तो उसे अतिरिक्त लाभ माना जा सकता है।
इसका मतलब है कि स्कूल के बाद से ही फिल्म मेकिंग और AI आधारित क्रिएटिव फील्ड में रुचि रखने वाले विद्यार्थी इस तरह के कौशल की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
किन क्षेत्रों में मिल सकता है फायदा?
AI Film Making का प्रशिक्षण केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। इस तरह के कौशल का इस्तेमाल कई रचनात्मक क्षेत्रों में किया जा सकता है।
फिल्म निर्माण, विज्ञापन, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया कंटेंट, वीडियो प्रोडक्शन और क्रिएटिव इंडस्ट्री में AI आधारित काम का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
आज एक छोटा कंटेंट क्रिएटर भी कहानी लिखने, विजुअल तैयार करने, वीडियो एडिट करने और ऑडियो तैयार करने के लिए अलग-अलग AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में इन तकनीकों को व्यवस्थित तरीके से सीखना युवाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।
प्रवेश के लिए क्या जरूरी है?
विश्वविद्यालय की जानकारी के अनुसार प्रवेश First Come, First Served आधार पर सीट उपलब्धता के अनुसार दिया जाएगा। यानी इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में देरी नहीं करनी चाहिए। हालांकि यह पाठ्यक्रम रोजगार या प्लेसमेंट की गारंटी नहीं देता; इसका उद्देश्य बुनियादी और व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है।
AI के दौर में बदल रहा फिल्म निर्माण
फिल्म निर्माण की दुनिया में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां किसी विजुअल को तैयार करने के लिए लंबी शूटिंग, महंगे उपकरण और बड़ी टीम की जरूरत पड़ती थी, वहीं आज कई चरणों में AI आधारित तकनीक काम को आसान और तेज कर सकती है।
हालांकि AI पारंपरिक रचनात्मकता का विकल्प नहीं है। कहानी, निर्देशन, सिनेमाई दृष्टि और भावनात्मक प्रभाव अब भी महत्वपूर्ण हैं। AI इन क्षमताओं को मजबूत करने वाला उपकरण बन सकता है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी का यह पाठ्यक्रम इसी बदलती तस्वीर के बीच युवाओं को तकनीक और रचनात्मकता के मेल से परिचित कराने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
एक जरूरी बात: कोर्स की अवधि और योग्यता
यहां एक महत्वपूर्ण अपडेट ध्यान देने योग्य है। पहले सामने आई जानकारी में इस पाठ्यक्रम की अवधि छह महीने और न्यूनतम योग्यता 12वीं पास बताई गई थी, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी के मौजूदा आधिकारिक कोर्स पोर्टल और उपलब्ध प्रवेश विवरण में तीन महीने की अवधि तथा 10वीं पास योग्यता दर्ज है। इसलिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए वर्तमान आधिकारिक विवरण को प्राथमिकता देना उचित होगा।
निष्कर्ष
Delhi University का AI Film Making Course उन युवाओं के लिए खास अवसर हो सकता है, जो फिल्म, वीडियो, विज्ञापन या डिजिटल कंटेंट की दुनिया में नई तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
फिल्म निर्माण की पारंपरिक समझ के साथ अगर AI, विजुअल क्रिएशन, एडिटिंग, ऑडियो और प्रॉम्प्ट राइटिंग जैसे कौशल भी विकसित किए जाएं, तो बदलते डिजिटल दौर में करियर की संभावनाओं का दायरा और व्यापक हो सकता है।
