घर का बिजली मीटर तेज चल रहा है या नहीं, यह सवाल अक्सर तब उठता है जब अचानक बिजली का बिल सामान्य से काफी ज्यादा आने लगे। लेकिन सिर्फ बढ़ा हुआ बिल देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि मीटर में खराबी है। ज्यादा खपत, मौसम के कारण बढ़ा लोड, पुराने उपकरण या घर की वायरिंग में लीकेज भी बिल बढ़ने की वजह हो सकते हैं। ऐसे में कुछ आसान जांच से आप शुरुआती तौर पर समझ सकते हैं कि मीटर की रीडिंग आपकी वास्तविक खपत के अनुरूप है या नहीं।
घर का Meter तेज चल रहा है तो सबसे पहले क्या देखें?
सबसे पहले घर में चल रहे बिजली के उपकरणों और पिछले कुछ महीनों की खपत पर नजर डालें। अगर परिवार की दिनचर्या और इस्तेमाल लगभग पहले जैसा है, लेकिन बिजली की यूनिट अचानक काफी बढ़ गई है, तो मीटर के साथ-साथ घर की वायरिंग और उपकरणों की भी जांच करनी चाहिए। खासकर गर्मियों में AC, कूलर, पंखे और फ्रिज जैसे उपकरण ज्यादा चलने से खपत तेजी से बढ़ सकती है। इसलिए केवल बिल की रकम को मीटर की खराबी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
Zero Load Test से करें शुरुआती जांच
घर का Meter तेज चल रहा है या नहीं, इसका शुरुआती अंदाजा लगाने के लिए Zero Load Test किया जा सकता है। इसके लिए घर के सभी बिजली उपकरण बंद कर दें और संभव हो तो उनके प्लग भी निकाल दें। इसके बाद मीटर पर नजर रखें। अगर घर में कोई वास्तविक लोड नहीं है और फिर भी मीटर की खपत लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है, तो वायरिंग में लीकेज, किसी छिपे हुए लोड या मीटर से जुड़ी समस्या की जांच जरूरी हो सकती है। यह टेस्ट केवल शुरुआती संकेत देता है, इसे आधिकारिक मीटर सटीकता जांच नहीं माना जाना चाहिए।
1 किलोवाट Load Test कैसे करें?
अगर आपके पास लगभग 1 किलोवाट का ज्ञात लोड वाला उपकरण है, तो एक आसान तुलना की जा सकती है। पहले घर के बाकी सभी उपकरण बंद करें और मीटर की शुरुआती रीडिंग नोट कर लें। इसके बाद लगभग 1 किलोवाट का लोड निर्धारित अवधि तक चलाकर फिर मीटर की रीडिंग नोट करें। उदाहरण के लिए 1 किलोवाट का लोड लगातार एक घंटे चले तो आदर्श स्थिति में करीब 1 kWh यानी 1 यूनिट की खपत होनी चाहिए। हालांकि वास्तविक घरेलू उपकरणों में उनका वास्तविक पावर ड्रॉ अलग हो सकता है, इसलिए इस तरीके को केवल मोटे अनुमान के तौर पर इस्तेमाल करें।
Meter पर लिखे imp/kWh का क्या मतलब है?
कई इलेक्ट्रॉनिक मीटर पर imp/kWh जैसी जानकारी लिखी होती है। यह मीटर की पल्स कॉन्स्टेंट बताती है, यानी एक यूनिट ऊर्जा दर्ज होने में कितनी पल्स आती हैं। मीटर की LED की ब्लिंकिंग इसी माप से जुड़ी हो सकती है। इसलिए केवल LED के तेजी से ब्लिंक करने को देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि मीटर तेज चल रहा है, क्योंकि ब्लिंक की गति उस समय घर में इस्तेमाल हो रहे लोड पर भी निर्भर करती है।
बिजली का बिल बढ़ा है तो ये गलती न करें
बिजली का बिल अचानक बढ़ने पर तुरंत मीटर को दोष देने के बजाय पिछले बिलों में दर्ज यूनिट की तुलना करें। यह भी देखें कि बिल में वास्तविक मीटर रीडिंग ली गई है या किसी वजह से अनुमानित रीडिंग दर्ज हुई है। इसके साथ AC, गीजर, पानी की मोटर, हीटर और दूसरे ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण कितने समय चल रहे हैं, इसका भी हिसाब रखें। कई बार मीटर बिल्कुल सही होता है, लेकिन घर की कुल बिजली खपत बढ़ जाने से बिल ज्यादा आता है।
Smart Meter में खपत कैसे समझें?
अगर आपके घर में स्मार्ट मीटर लगा है और बिजली वितरण कंपनी ऐप या पोर्टल के जरिए खपत का डेटा उपलब्ध कराती है, तो वहां यूनिट खपत का पैटर्न देखा जा सकता है। कुछ मामलों में उपभोक्ता वास्तविक समय या नियमित अंतराल पर खपत का डेटा देख सकते हैं। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि दिन के किस समय बिजली की खपत ज्यादा हो रही है। केंद्र सरकार की उपभोक्ता अधिकार व्यवस्था में भी स्मार्ट मीटर के मामले में खपत डेटा वेबसाइट, मोबाइल ऐप या SMS जैसे माध्यमों से उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है।
Meter सही है या नहीं, पक्का कैसे पता चलेगा?
घर पर किया गया कोई भी सामान्य टेस्ट सिर्फ शुरुआती संकेत दे सकता है। अगर जांच के बाद भी आपको लगता है कि बिजली मीटर तेज चल रहा है, तो अंतिम पुष्टि के लिए अपने बिजली वितरण विभाग से मीटर टेस्ट कराने का अनुरोध करें। केंद्र सरकार के उपभोक्ता अधिकार नियमों में भी मीटर की रीडिंग वास्तविक खपत से मेल न खाने जैसी शिकायत मिलने पर वितरण लाइसेंसधारी द्वारा मीटर की जांच का प्रावधान है।
Meter तेज नहीं, घर की Wiring भी हो सकती है वजह
अगर सभी उपकरण बंद करने के बाद भी मीटर पर खपत दिखाई देती है, तो समस्या केवल मीटर में हो, यह जरूरी नहीं है। घर की वायरिंग में लीकेज या कोई ऐसा उपकरण जो पूरी तरह बंद न हुआ हो, उसकी वजह से भी बिजली खर्च हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से वायरिंग की जांच कराना बेहतर रहेगा। बिजली के मीटर, सील या मुख्य कनेक्शन को खुद खोलने या उसमें छेड़छाड़ करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
शिकायत करने से पहले ये जानकारी रखें
अगर मीटर की जांच के लिए बिजली विभाग में शिकायत करनी पड़े तो पिछले कुछ महीनों की बिजली खपत, मौजूदा मीटर रीडिंग और बिल की जानकारी अपने पास रखें। अगर आपने Zero Load या Load Test किया है तो उसकी तारीख और शुरुआती-अंतिम रीडिंग भी नोट कर सकते हैं। इससे विभाग को समस्या समझाने में आसानी हो सकती है। कई बिजली वितरण कंपनियां शिकायत के बाद मीटर की जांच के लिए अपनी निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण या check meter की व्यवस्था करती हैं।
