देश के कई हिस्सों में Swine Flu Cases यानी H1N1 संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा संक्रमण में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों से मामले सामने आए हैं। कुछ राज्यों में 2026 में अब तक दर्ज मामले पिछले साल की तुलना में अधिक हैं।
हालांकि, मौजूदा स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सबसे अहम बात यह है कि भारत में किसी नए या ज्यादा खतरनाक H1N1 स्ट्रेन के फैलने की पुष्टि नहीं हुई है। ICMR के अनुसार, देश में फिलहाल वही H1N1 pdm09 वायरस सर्कुलेट कर रहा है जो 2025 से मौजूद है।
दिल्ली में 2,729 H1N1 केस
राजधानी दिल्ली में संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 27 अगस्त तक के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में H1N1 के कुल 2,729 मामले सामने आ चुके थे। सिर्फ 27 अगस्त को 125 नए मरीज मिले। Influenza A और B को मिलाकर दिल्ली में कुल मामलों की संख्या 3,736 बताई गई।
इस बढ़ोतरी के बीच दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को तैयारी मजबूत करने और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार अस्पतालों में फ्लू क्लीनिक, आइसोलेशन बेड, जांच और दवाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कर्नाटक में 4,428 मरीज
कर्नाटक में भी H1N1 और इन्फ्लुएंजा संक्रमण के मामले बड़ी संख्या में सामने आए हैं। 24 अगस्त तक राज्य में 4,428 लैब से पुष्टि किए गए H1N1/इन्फ्लुएंजा मामले दर्ज किए गए थे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में इन्फ्लुएंजा का असर आमतौर पर दो अवधियों में ज्यादा देखा जाता है—जनवरी से मार्च और जुलाई से सितंबर के बीच। अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं बताई गई है।
महाराष्ट्र में पिछले साल से ज्यादा H1N1 केस
महाराष्ट्र में भी इस साल संक्रमण के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। 21 अगस्त तक राज्य में 1,109 H1N1 मरीज सामने आ चुके थे। यह संख्या पूरे 2025 में दर्ज 942 मामलों से अधिक है।
मुंबई और पुणे राज्य में H1N1 के प्रमुख केंद्रों के रूप में सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों शहरों में राज्य के कुल संक्रमण के करीब 65 प्रतिशत मामले दर्ज हुए हैं।
राज्य महामारी विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी सामान्य है, हालांकि इस साल के आंकड़े पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा हैं।
राजस्थान में अगस्त में सबसे ज्यादा मामले
राजस्थान में भी अगस्त के दौरान H1N1 संक्रमण में तेजी देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 तक राज्य में 146 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें अकेले अगस्त में 55 मामले सामने आए, जो इस साल किसी एक महीने में सबसे ज्यादा हैं।
महीनेवार आंकड़ों में जनवरी में 2, फरवरी में 3, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में 5 और अगस्त में 55 मामले दर्ज किए गए।
राज्य स्वास्थ्य विभाग H1N1 और मौसमी इन्फ्लुएंजा दोनों पर निगरानी रख रहा है। लोगों को लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
लखनऊ में भी सामने आए नए मरीज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी H1N1 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। बलरामपुर अस्पताल में एक H1N1 संक्रमित महिला की मौत के बाद दो और मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी 75 जिलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
गुरुग्राम और चंडीगढ़ में भी संक्रमण
हरियाणा के गुरुग्राम में H1N1 के 12 मामले सामने आए हैं। वहीं चंडीगढ़ में इस साल अब तक 14 मरीज दर्ज किए गए हैं। इनमें अगस्त में 7 मामले सामने आए, जो शहर में इस साल किसी एक महीने में सबसे ज्यादा हैं।
चंडीगढ़ के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में 2, अप्रैल में 1, मई में 2, जून में 1, जुलाई में 1 और अगस्त में 7 मामले दर्ज किए गए।
कोलकाता में भी बढ़ी मरीजों की संख्या
कोलकाता में भी जुलाई के दौरान H1N1 के मामलों में तेजी देखी गई थी। अस्पतालों में तेज बुखार, सांस से जुड़ी परेशानी, शरीर में दर्द और डायरिया जैसे लक्षणों वाले मरीज पहुंचे। कुछ मरीजों को गंभीर लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा।
मानसून और बदलते मौसम के बीच देश के कई हिस्सों में फ्लू संक्रमण बढ़ने की स्थिति सामने आई है। दिल्ली में भी विशेषज्ञों ने H1N1 मामलों में तेज वृद्धि को माना है, लेकिन मौजूदा वायरस को किसी नए और अधिक खतरनाक स्ट्रेन से जोड़ने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
H1N1 से बचाव के लिए क्या करें?
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच सामान्य संक्रमण-रोधी सावधानियां महत्वपूर्ण हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में परेशानी, शरीर में दर्द या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों में लक्षण गंभीर होने पर चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ICMR से जुड़ी जानकारी के अनुसार देश में किसी नए खतरनाक H1N1 स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए स्थिति पर नजर रखना और जरूरी सावधानियां बरतना ज्यादा महत्वपूर्ण है, न कि अफवाहों के आधार पर घबराना।
