नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में कॉकपिट के भीतर हुए गंभीर घटनाक्रम के बाद घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फोन पर बातचीत की।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनके साहस की सराहना की और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत में कैप्टन स्मित ने उस मुश्किल वक्त का अपना अनुभव साझा किया और बताया कि संकट की घड़ी में उन्हें हिम्मत कहां से मिली।
पीएम मोदी से बातचीत में कैप्टन स्मित ने क्या बताया?
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि विमान में संकट के समय वह हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे। यह बातचीत उस समय हुई जब वह घटना के दौरान लगी गंभीर चोटों से उबर रहे हैं और संयुक्त अरब अमीरात में इलाज करा रहे हैं।
#WATCH | Flydubai Captain Smit Machchhar turns emotional as he recounts his ordeal before PM Modi; he says, "You are my biggest idol. I feel proud of the way you are encouraging me today. I had so many injuries, but I told myself I have to get up and act. At the time, I told… pic.twitter.com/eqGloeCTSl
— ANI (@ANI) October 2, 2026प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस की तारीफ करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इससे पहले भी प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से उनके साहस की सराहना कर चुके हैं।
फ्लाईदुबई FZ1073 में आखिर हुआ क्या था?
कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट के पायलट थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में उनके और को-पायलट के बीच गंभीर संघर्ष हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान को संभालने की कोशिश जारी रखी। बाद में फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी आपात लैंडिंग कराई गई।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इससे विमान को सुरक्षित उतारने की दिशा में आगे की कार्रवाई संभव हुई।
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित के साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनकी बहादुरी की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी।
पीएम मोदी ने परिवार से भी की थी बात
कैप्टन स्मित से बातचीत से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि कैप्टन स्मित और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से हरसंभव सहायता दी जाएगी।
वहीं, भारत सरकार की ओर से बताया गया है कि कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। उन्हें तबुक में शुरुआती उपचार के बाद आगे के इलाज और रिकवरी के लिए अबू धाबी ले जाया गया।
कैप्टन स्मित को गुजरात सरकार देगी सम्मान
कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को देखते हुए गुजरात सरकार ने ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने का एलान किया है। उनके साहस की सराहना प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत अन्य नेताओं ने भी की है।
फ्लाईदुबई की इस घटना की जांच अभी जारी है। घटना के दौरान कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ, हमले की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और को-पायलट की मंशा क्या थी, इन सवालों पर जांच एजेंसियां काम कर रही हैं।
