हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के पूर्व नागरिक आपूर्ति मंत्री और YSR कांग्रेस के नेता करुमूरी नागेश्वर राव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित शराब परिवहन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, यह मामला आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (APSBCL) के शराब परिवहन टेंडर में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ED का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग के जरिए सरकारी खजाने को करीब 195.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
हैदराबाद स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी
ED ने करुमूरी नागेश्वर राव को रविवार को हैदराबाद के कोंडापुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी थीं।
शराब परिवहन टेंडर में कथित हेरफेर का आरोप
आंध्र प्रदेश शराब घोटाला मामले की जांच राज्य में शराब के परिवहन के लिए जारी किए गए टेंडर से जुड़ी है। ED के अनुसार, पहले जिला स्तर पर होने वाली परिवहन व्यवस्था को बदलकर राज्य स्तर का केंद्रीकृत टेंडर बनाया गया। एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों को कुछ चुनिंदा कंपनियों के लिए अनुकूल बनाया गया और बाद में काम को सब-कॉन्ट्रैक्ट के जरिए आगे बढ़ाया गया।
₹195.33 करोड़ के नुकसान का दावा
ED का आरोप है कि इस व्यवस्था के दौरान परिवहन के लिए बाजार दर से ज्यादा भुगतान किया गया और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग के जरिए रकम का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल हुआ। एजेंसी के मुताबिक, अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के बीच APSBCL की ओर से परिवहन व्यवस्था पर करीब 349 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें से 195.33 करोड़ रुपये को कथित अपराध की आय माना गया है।
पूर्व मंत्री और उनके बेटे पर भी ED के आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि करुमूरी नागेश्वर राव ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके शराब परिवहन के सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद की। ED के अनुसार, राव और उनके बेटे करुमूरी सुनील कुमार को कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों के जरिए करीब 15 करोड़ रुपये नकद और बैंकिंग माध्यमों से मिले। सुनील कुमार को ED पहले ही जून 2026 में गिरफ्तार कर चुकी है।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी और गिरफ्तारियां
इस मामले में ED की कार्रवाई पहले से जारी थी। जून 2026 में एजेंसी ने आंध्र प्रदेश और हैदराबाद में कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान राव और उनके बेटे से जुड़े परिसरों की भी जांच की गई थी। इससे पहले APSBCL के पूर्व प्रबंध निदेशक डोंथिरेड्डी वासुदेवा रेड्डी और मामले के प्रमुख आरोपी बताए गए पूर्व IT सलाहकार कासिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
करीब ₹37.7 करोड़ की संपत्तियां भी जांच के दायरे में
ED ने इस मामले में अगस्त 2026 में करीब 37.7 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई भी की थी। एजेंसी के मुताबिक, इनमें जमीन, वाहन, घड़ियां, बैंक बैलेंस और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि, PMLA के तहत की गई ऐसी अटैचमेंट कार्रवाई आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित प्राधिकरण के निर्णय के अधीन होती है।
YSR कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के बाद YSR कांग्रेस के नेताओं ने कार्रवाई की आलोचना की है। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। दूसरी ओर, ED मामले में वित्तीय लेनदेन और कथित शराब परिवहन सिंडिकेट की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगी।
आगे की जांच में सामने आ सकती हैं और जानकारियां
करुमूरी नागेश्वर राव की गिरफ्तारी के बाद ED अब कथित शराब परिवहन व्यवस्था से जुड़े पैसों के लेनदेन, सब-कॉन्ट्रैक्ट और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर हासिल रकम किस तरह आगे पहुंचाई गई और इस पूरी व्यवस्था में किन लोगों की भूमिका थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
